ब्यूरो रिपोर्ट!

 राजस्थान की 3 विधानसभा सीटों के लिए हो रहे उपचुनाव की नाम वापसी के अंतिम दिन से पहले राजनीति में भूचाल आ गया। भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा विधानसभा सीट से चुनाव नामांकन दाखिल कर चुके भाजपा के बागी लादू लाल पितलिया ने शुक्रवार को नामांकन वापस ले लिया। उनके नाम वापस लेते ही राजनीति में बवंडर मच गया। दरअसल हुआ यूं कि पितलिया ने नाम वापसी से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम चिट्ठी लिखी और उसमें बताया कि भाजपा ने उन पर नाम वापसी का दबाव बनाया है और नाम वापस नहीं लेने पर उनको और उनके परिवार को देख लेने की धमकी दी है। यह दबाव कर्नाटक भाजपा की ओर से आया है। जिसमें उन्होंने कहा कि बेंगलुरू स्थित उनके आवास और प्रतिष्ठान पर दबाव बनाया जा रहा है। और मेरे परिजनों को प्रताड़ित भी किया जा रहा है। आपको बता दें कि लादू लाल पिपलिया की ओर से यह चिट्ठी 30 मार्च को लिखी गई थी इसी बीच उनकी और भाजपा कार्यकर्ता के बीच हुई बातचीत का ऑडियो भी वायरल हो रहा है। ऑडियो में उन्होंने कहा है कि हाईकमान से बहुत तगड़ा दबाव था। यहां तक कि गला पकड़ने की नौबत तक आ गई थी। और मेरे नाम वापसी के अलावा और कोई चारा नहीं बचा था।  इस सब घटनाक्रम के बीच पितलिया  अपने पुत्र के साथ शुक्रवार दोपहर लगभग 12:15 बजे निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में पहुंचे और यहां भी उन्होंने पिछले दरवाजे से एंट्री ली। ऑडियो वायरल होने के बाद से ही मीडिया कर्मी पितलिया का बयान लेने के लिए उनके पीछे लगे थे और इसीलिए पितलिया  ने मीडिया से बचने के लिए पीछे के दरवाजे का सहारा लिया। मीडिया कर्मियों को जैसे ही इसकी भनक लगी तो वह! पीछे की ओर दौड़े और जब लादू लाल पितलिया से बात करनी चाही तो उनके पुत्र ने साफ मना कर दिया और किसी से भी बातचीत नहीं करने दी। इस दौरान पितलिया के पुत्र विजय और मीडिया कर्मियों में के बीच कहासुनी भी हुई लेकिन पितलिया ने अपना मुंह नहीं खोला और। वह भूमिगत हो गए। नाम वापसी के पहले दिन हुए इस घटनाक्रम से राजनीतिक बवाल मच गया। 

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा पर तीखे आरोप लगाए और बयान दिया कि नीति और नैतिकता का स्वांग रचने वाली भाजपा को हार का इस कदर डर सता रहा है कि पितलिया को डरा धमका कर उनका नामांकन वापस करवाया। उन्होंने भाजपा पर राजनीति में अनीति की हदें पार करने का भी आरोप लगाया और यह भी कहा कि देखिए भाजपा इस दिशा में आगे आगे और क्या करती है? उधर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने अपना बचाव करते हुए कहा कि पितलिया के नाम पर पार्टी ने गंभीरता से विचार किया था, लेकिन सर्वसम्मति से रतन लाल जाट को प्रत्याशी बनाया गया। पितलिया को पार्टी ने कहा है कि उनका मान सम्मान रखा जाएगा। उचित जिम्मेदारी भी दी जाएगी। इसीलिए उन्होंने बिना शर्त अपना नामांकन वापस लिया है।