भरतपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 

एक तरफ तो बीजेपी परिवर्तन यात्रा निकालकर परिवर्तन लाने की बात कर रही है, दूसरी तरफ परिवर्तन यात्रा में शामिल बीजेपी के नेता गुस्से में नजर आ रहे हैं। कल परिवर्तन यात्रा भरतपुर पहुंची तो बड़े जोरों से कार्यकर्ताओं ने बीजेपी नेताओं का स्वागत किया।

इस दौरान परिवर्तन यात्रा के संयोजक अरुण चतुर्वेदी ने माला ही फेंक दी। दूसरी तरफ एक बीजेपी कार्यकर्ता और भरतपुर विधानसभा से संभावित उम्मीदवार ने जब परिवर्तन यात्रा के रथ पर चढ़कर सभी नेताओं का स्वागत किया तो प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र गोठवाल ने बीजेपी कार्यकर्ता पर साफा फेंक कर मारा।

सभी नेताओं ने उसे रथ से नीचे उतरने को कहा। जब बुधवार देर रात परिवर्तन यात्रा पहुंचने के उपलक्ष्य में कलेक्ट्रेट के सामने कार्यक्रम हुआ तो उसमें काफी कुर्सियां खाली देखी गईं।


रात 8 बजे भरतपुर पहुंची परिवर्तन यात्रा

सवाईमाधोपुर से शुरू बीजेपी की परिवर्तन यात्रा बुधवार देर शाम करीब 8 बजे भरतपुर पहुंची। परिवर्तन यात्रा में मौजूद नेताओं को अपना अपना शक्ति प्रदर्शन दिखाने के लिए बीजेपी के संभावित उम्मीदवार काफी संख्या में अपने समर्थकों को लेकर परिवर्तन यात्रा में पहुंचे। जगह-जगह परिवर्तन यात्रा का स्वागत किया गया।

कार्यकर्ता पर साफा फेंका

बीजेपी के संभावित उम्मीदवार उदय सिंह भारी संख्या में अपने समर्थकों को लेकर सेवर पहुंचे थे। जहां उन्होंने परिवर्तन यात्रा के रथ पर मौजूद महामंत्री भजन लाल शर्मा, सांसद रंजीता कोली, सीकर सांसद सुमेधानंद स्वामी, राष्ट्रीय महामंत्री अल्का गुर्जर का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। सभी पर फूल भी बरसाए।

इसके बाद उदय सिंह ने परिवर्तन यात्रा के रथ से ही बीजेपी के समर्थन में कार्यकर्ताओं से नारे लगाए। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र गोठवाल ने उदय सिंह के साफा फेंक कर मारा और रथ पर मौजूद सभी कार्यकर्ता उदय सिंह को नीचे उतारने की कहने लगे, लेकिन इसके बारे में उदय सिंह को पता नहीं लगा।

अरुण चतुर्वेदी ने फेंकी माला

रात करीब 8 बजे परिवर्तन यात्रा भरतपुर पहुंची। बिजलीघर के पास बीजेपी की एक आमसभा हुई। इस दौरान युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने परिवर्तन यात्रा के संयोजक अरुण चतुर्वेदी का 51 किलो की माला पहनाकर स्वागत करने की कोशिश की तो चतुर्वेदी ने माला फेंक दी। इस दौरान सभी बीजेपी के नेता मौजूद थे।

क्या कहा जितेंद्र गोठवाल ने

साफा फेंकने के मामले पर जितेंद्र गोठवाल ने कहा- ऐसा नहीं था। यह व्यवस्था का प्रश्न है। एक विधानसभा में 40 से 50 उम्मीदवार हैं। अगर सभी लोग रथ पर चढ़ने की कोशिश करेंगे तो कोई हादसा हो सकता है। किसी को चोट लग सकती है।

सावधानी बरतने की दृष्टि से यह संकेत देना पड़ता है कि यह अलाउ नहीं है। रथ के ऊपर चढ़ने की कोशिश न करें। हम सभ्य तरीके से स्वागत का अभिवादन ले रहे हैं। इसलिए अनुशासन बनाए रखना जरूरी है।