जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम नीट यूजी में राजस्थान के स्टूडेंट्स ने एक बार फिर खुद को श्रेष्ठ साबित किया है। सलेक्शन प्रतिशत के लिहाज प्रदेश के छात्र अव्वल रहे। परीक्षा में बैठने वाले कुल छात्रों में से राजस्थान से 68.79 प्रतिशत स्टूडेंट्स ने काउंसलिंग के लिए क्वालिफाय किया है। दूसरे स्थान पर 57.58 फीसदी के साथ पश्चिम रहा। राजस्थान और पश्चिम बंगाल के बीच करीब दस प्रतिशत का अंतर है। यानी, राजस्थान अन्य राज्यों से काफी आगे निकल गया है।
राजस्थान के छात्रों की सफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण कोटा, जयपुर, सीकर जैसे शहरों में मेडिकल की पढ़ाई को बताया जा रहा है। वहीं राजस्थान में कॉम्पिटिशन का माहौल भी छात्रों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है। भले ही सबसे अधिक छात्र ( 1.39 लाख) उत्तरप्रदेश से सफल हुए हों, लेकिन सफलता दर में यूपी के छात्र राजस्थान से काफी पीछे रह गए हैं।
यूपी के छात्रों की सफलता 56.62 प्रतिशत ही रही। बिहार का प्रदर्शन पिछले साल की तुलना में इस साल कमजोर रहा है। एक्सपर्ट के अनुसार इस साल सरकारी कॉलेज 600 से अधिक अंकों पर ही मिल सकता है।
अधिक छात्रों के क्वालिफाय करने से बढ़ेगी कट ऑफ
ऐसे राज्यों का चयन किया, जहां से एक लाख से अधिक छात्रों ने नीट दिया। वहां अपियर होने वाले और क्वालिफाय करने वाले छात्रों की संख्या के आधार पर पास होने वाले छात्रों का प्रतिशत निकाला। एक्सपर्ट यश खंडेलवाल ने बताया कि अधिक छात्रों के क्वालिफाय होने से एडमिशन कट ऑफ 600 अंकों से अधिक जा सकती है।
बढ़ी है हिंदी व गुजराती में नीट देने वाले छात्रों की संख्या
2019 में 1.79 लाख छात्रों ने हिंदी में पेपर दिया, यह आंकड़ा साल 2023 में बढ़कर 2.76 लाख पहुंच गया। गुजराती और बंगाली में परीक्षा देने वाले भी बढ़े हैं। तमिल में परीक्षा देने वालों की संख्या में कमी आई है।


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