जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 

राजस्व विभाग व रेवेन्यू बोर्ड ने प्रदेश में खोले जा रहे नए 4 एडीएम, 3 एसडीएम व 12 तहसील के साथ ही 16 उप तहसीलों का सीमांकन, क्षेत्राधिकार और इनमें शामिल पटवार सर्किल को सार्वजनिक नहीं किया है। इससे आम जनता में कंफ्यूजन हो गया है और विरोध होने लगा है। जबकि पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री ने इन्हें मंजूरी दे दी थी।

वर्तमान व नई तहसील के कार्यक्षेत्र में तालमेल व तुलनात्मक पटवार सर्किल रखने की कोशिश के कारण जनता को पहले की तरह ही लंबी दूरी तक कर तहसील कार्यालय जाना पड़ेगा। जबकि मुख्यमंत्री ने आम जनता की सुविधा व प्रशासनिक कार्यों की सुलभता को देखते हुए नई तहसील व उपतहसील कार्यालयों को मंजूरी दी थी।

तहसील में जाने के लिए 30 किलोमीटर का चक्कर
आमेर तहसील को तोड़कर जालसू तहसील बनाई है, लेकिन अखैपुरा, चौंप, दौलतपुरा व बगवाड़ा पटवार सर्किलों के आधा दर्जन गांवों के लोगों ने रामपुरा डाबड़ी (जालसू) तहसील ही रखने की मांग की है। इन गांवों के लोगों की दलील है कि आमेर तहसील में जाने के लिए पूरे शहर का 30 किलोमीटर का चक्कर लगा कर जाना पड़ता है। मांग नहीं मानने पर आंदोलन किया जाएगा। इसी तरह अन्य तहसीलों में भी आम जनता की सुविधा के बजाए अधिकारियों के कार्यक्षेत्र को प्राथमिकता दी है।

प्रदेशभर में यह तहसील व उपतहसील बनाई गई थी
टोंक के अलीगढ़ में नया तहसील कार्यालय खोला जाएगा। राजलदेसर (चूरू), मांढण एवं प्रतापगढ़ (अलवर), रुदावल (भरतपुर), जुरहरा (भरतपुर), हदा (बीकानेर), बाटाडू (बाड़मेर), भांडारेज (दौसा), जालसू (जयपुर), पिलानी (झुंझुनूं) एवं रायथल (बूंदी) में उप तहसील को तहसील में प्रमोट किया है। बघेरा (अजमेर), डूंगरा छोटा (बांसवाड़ा), हरसानी (बाड़मेर), ददरेवा (चूरू), बसई एवं नादनपुर (धौलपुर), नारंगदेसर (हनुमानगढ़), रेनवाल मांजी (जयपुर), चंदवाजी (जयपुर), गीजगढ़ (दौसा), बबाई (झुंझुनूं), कैलादेवी (करौली), लूणवा एवं दीनदारपुरा (नागौर), कल्याणपुर (उदयपुर) तथा रिडमलसर (श्रीगंगानगर) में नवीन उप तहसील कार्यालय खोले जाएंगे।