जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 

प्रतियोगी परीक्षाओं में अलग-अलग अभ्यर्थियों की जगह 50 से ज्यादा बार डमी कैंडीडेट बैठाकर परीक्षा दिलाने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए कमिश्नरेट की सीएसटी ने कानोता से 3 आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी हर्ष कुमार जोशी उत्तराखंड के चम्पावत, हंसराज उर्फ जग्गू करौली के सपोटरा व हेमराज दौसा के पचवारा का रहने वाला है।

एडिशनल कमिश्नर कैलाश बिश्नोई ने बताया कि एडिशनल डीसीपी सुलेश चौधरी व इंस्पेक्टर राजीव यदुवंशी के नेतृत्व में गठित टीम को सूचना मिली कि कानोता स्थित एक कॉलेज में एसएससी द्वारा आयोजित एमटीएस परीक्षा में एक डमी कैंडीडेट बैठा है। मौके पर पहुंची टीम ने पहचान करके आरोपी चम्पावत निवासी हर्ष कुमार को पकड़ लिया, जो लखनऊ में रहकर अलग-अलग जगह पर पैसे के बदले डमी कैंडीडेट के रूप में परीक्षा देने जाता था, जिससे पूछताछ में सामने आया कि वह हेमराज मीना की जगह परीक्षा देने आया था।

उसके मोबाइल में हेमराज नंबर, कॉल लेटर सहित अन्य जानकारी मिली। उसने बताया कि जीरौता निवासी नटवर मीना व टोडाभीम निवासी कृष्ण मोहन मीना के कहने पर परीक्षा देने आया है। इसके बदले 20 हजार रुपए एडवांस व 2 लाख रुपए परीक्षा पास करने पर मिलने थे। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के मास्टर माइंड नटवर व कृष्ण मोहन पिछले दो साल में 50 से ज्यादा अभ्यर्थियों की जगह पर डमी कैंडीडेट बैठाकर परीक्षा दिलवा चुके। आगामी परीक्षाओं में बैठने वाले कुछ अभ्यर्थियों के दस्तावेज ले रखे है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।

  • कंडीडेट की जानकारी हंसराज उपलब्ध करवाता है। 13 जून को विकास मीना की जगह इसी कॉलेज में परीक्षा देने आया था। मूल कैंडीडेट के कॉल लेटर को नटवर मीना एडिट करके भेजता है।
  • हंसराज से पूछताछ में सामने आया कि नटवर व कृष्ण मोहन अभ्यर्थियों से बात करके डिटेल भेजते है। जिनकी परीक्षा दिलवानी हो। वह परीक्षा के दौरान आस-पास ही मौजूद रहता है।
  • हेमराज ने पूछताछ में बताया कि 14 जून को मेरी एमटीएस की परीक्षा में हर्ष जोशी को बैठाया। इसके लिए नटवर व कृष्ण मोहन ने 10 लाख में सौदा तय किया था, जो नौकरी लगने के बाद देने थे।