अजमेर ब्यूरो रिपोर्ट। 

अजमेर में होटल कर्मचारियों से मारपीट के मामले में आईएएस गिरधर व आईपीएस सुशील कुमार बिश्नोई की गिरफ्तारी जल्द हो सकती है। गेगल थाने में अब तक अज्ञात के खिलाफ ही मामला दर्ज है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सभी आरोपी चिह्नित हो चुके हैं।

आरोपियों में से आईएएस-आईपीएस समेत आठ को अब तक सस्पेंड कर दिया गया है। डीजीपी उमेश मिश्रा के निर्देश पर एडीजी (विजिलेंस) बीजू जॉर्ज जोसफ मामले की जांच कर रहे हैं।

वहीं, आईपीएस सुशील कुमार को लेकर नए खुलासे भी हो रहे हैं। साल 2018 में यूपीएससी में सिलेक्शन के बाद उनके ऊपर दो बार रेप के आरोप लग चुके हैं।

मंगेतर ने दर्ज कराया था मुकदमा

आईपीएस सुशील कुमार पर रेप का आरोप भी लग चुका है। दरअसल, दिसंबर 2019 में एक युवती ने जोधपुर के देवनगर थाने में रिपोर्ट दी थी कि साल 2017 में उसकी सगाई बीकानेर के लालगढ़ रामपुरा कॉलोनी निवासी सुशील कुमार से हुई थी।

2018 में सुशील सिविल सर्विसेज की परीक्षा की तैयारी के लिए जोधपुर आया। यहां उसने पीड़िता से रेप किया। इसी दौरान उसका आईपीएस में चयन हो गया। जून 2019 में ट्रेनिंग के दौरान सुशील ने पीड़िता को सगाई तोड़ने का मैसेज किया। परिजनों ने भी समझाइश का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी।

पुलिस ने आरोपी आईपीएस के खिलाफ रेप का मामला दर्ज किया था। युवती के परिजनों ने आरोपी पर 40 ग्राम सोना और करीब आठ लाख रुपए हड़पने का आरोप भी लगाया। हालांकि, जांच के बाद पुलिस ने एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी थी।

पीड़िता व उसके पिता दो बार डीसीपी से मिले

मंगेतर के रेप केस करने पर एक माह में पीड़िता व उसके पिता दो बार डीसीपी से मिलने गए। 22 दिसंबर 2019 को केस दर्ज हुआ था। फिर डीसीपी से मिलने पर 2 जनवरी को 164 के बयान हुए थे।

डीसीपी ने जांच अधिकारी सीआई सत्यप्रकाश विश्नोई को पीड़िता व उसके पिता के सामने बुलाया था। इसके बाद 7 जनवरी को पीड़िता के पिता को नोटिस देते हुए सगाई व उसके बाद की सभी जानकारियां मांगी गई थी, जो दे दी गई थी।

पिता का आरोप था कि मामले में रेप की घटना जहां हुई थी, उस कमरे के मालिक को एक बार भी थाने नहीं बुलाया गया था। न ही कोई बयान हुए थे। जबकि प्रशिक्षु आईपीएस पर दुष्कर्म के आरोप के बाद उनके दोस्त के भी बयान होने थे। वहीं, पुलिस ने एक बार भी प्रशिक्षु को थाने नहीं बुलाया था।

न ही उनकी कॉल डिटेल निकलवाई गई थी। पीड़िता के पिता का कहना है कि सगाई के दौरान फोटो व वीडियो सहित मौजूद लोगों की सूची मांगी गई थी, वो पुलिस को दे दी थी। सवा माह में एक भी व्यक्ति को थाने से फोन कर पूछताछ के लिए नहीं बुलाया गया था।

करीब तीन साल पहले भी बिहार की रहने वाली एक युवती ने भी प्रशिक्षु सुशील कुमार के खिलाफ रेप का केस दर्ज करवाया था।

युवती की ओर से दिल्ली सेंट्रल स्थित रंजीत नगर थाने में 14 दिसंबर 2020 को केस दर्ज करवाया था। मामले में आगे की जांच क्राइम ब्रांच ने की थी। इसके बाद केस में एफआर लग गई थी।