जोधपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 

महिलाओं के लिए मोबाइल...बीपीएल परिवार वालों के लिए राशन के बाद अब सरकार युवाओं को साधने का प्लान तैयार कर रही है। इसके लिए सरकार आने वाले समय में 20 हजार युवाओं को नौकरियां देगी।

इसके लिए जोधपुर, जयपुर और कोटा में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काम शुरू हो चुका है। इसी प्रोजेक्ट में महिलाओं का खास ध्यान रखा गया है। यहां बिजनेसवुमेन और कर्मचारियों के लिए बनने वाले ऑफिस भी थीम बेस्ड होंगे।

क्या है राजस्थान सरकार का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट....

दरअसल, हाल ही में सीएम अशोक गहलोत ने बजट में प्रदेश में राजीव गांधी नॉलेज सर्विस एंड इनोवेशन हब की घोषणा की थी। इसमें प्रदेश के वे युवा जो स्टार्टअप की तरफ जा रहे हैं उन्हें मौका दिया जाएगा। इसके लिए हैदाराबाद और बेंगलुरु की तर्ज पर 600 करोड़ की लागत से बनने वाले इनोवेशन हब का काम शुरू हो चुका है।

एक्सपर्ट के अनुसार इसका आइडिया तब आया जब सरकार ने इंक्युबेशन सेंटर खोले। यहां जब यूथ के स्टार्टअप को लेकर आइडिया सामने आए तो इस इनोवेशन हब का आइडिया मिला। दावा किया जा रहा है कि डेढ़ साल में सरकार इन स्टार्टअप के जरिए 20 हजार से ज्यादा युवाओं को नौकरी देगी। इतना ही नहीं, इस प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में 10 हजार करोड़ रुपए का भी इन्वेस्टमेंट होगा।

ऐसा होगा इनोवेशन हब

यह इनोवेशन हब ग्राउंड प्लस तीन फ्लोर का बनाया जाएगा। इसमें कुल 250 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। जोधपुर में इसके लिए पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर के समीप ही 146 स्क्वायर मीटर पर बनाया जा रहा है। ऐसी कंपनियां जो स्टार्टअप के रूप में ग्रोथ लेकर आगे पहुंची है या 250 करोड़ तक का टर्न ओवर करती हैं उनको यहां स्पेस दिया जाएगा। यह इनोवेशन हब 15 महीने में तैयार होगा। इसके बाद किसी बड़ी कंपनी या संस्था के साथ मिलकर सरकार इसकी मॉनिटरिंग करेगी।

प्रदेश में इन सेक्टर में मिलेगी जॉब, पहली बार फैशन ब्रांड बनेगा

- सबसे ज्यादा अवसर सॉफ्टवेयर और ऐप डेवलपमेंट सेक्टर में है। यहां करीब 5 से 7 हजार नौकरियां होगी।

- एडटेक कंपनियां यानि एजुकेशन सिस्टम को ऑनलाइन ले जाने वाली कंपनियाें की शुरुआत होगी। इस सेक्टर में 3 हजार को जॉब मिलेगी।

- प्रदेश में फाइनेंस सेक्टर मजबूत करने के लिए इसका डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। इसमें 5 हजार जॉब ऑफर की जाएगी। इसी से जोधपुर की फिनटेक यूनिवर्सिटी को जोड़ा जाएगा, जहां 3 से 5 हजार को रोजगार मिलेगा।

- मेडिकल इनोवेशन के स्टार्ट अप को भी प्रदेश में मौका दिया जाएगा।

- फैशन और गारमेंट ब्रांड भी राजस्थान से निकलेंगे जो कि करीब 3 से 5 हजार लोगों को रोजगार दे सकते हैं।

हैदराबाद के टी-हब को माना मॉडल, टीम देख कर आई मैनेजमेंट

इसकी शुरुआत से पहले राजस्थान सरकार ने तय किया था कि इसका पूरा स्ट्रक्चर हैदराबाद के टी-हब की तरह होगा। इसको लेकर हाल ही में स्टेट की एक टीम हैदराबाद जाकर इस टी हब के स्ट्रक्चर, यहां की फैसिलिटी और मैनेजमेंट को देखकर आई थी।

यहां करीब 2000 से ज्यादा स्टार्ट अप के साथ सरकार मिलकर काम करती है। ऐसे में तय किया गया कि इसी के तर्ज पर सरकार इस पूरे प्रोजेक्ट पर काम करेगी। यहां ग्रोथ का कुछ ऐसा वातावरण है कि 200 से ज्यादा मेंटर्स काम करते हैं, जो कि स्टार्टअप को गाइड करते हैं।

इसके अलावा 400 से ज्यादा विदेशों में लिंक अप भी यहां के स्टार्टअप का हुआ है। यहां काम करते हुए 10 से ज्यादा स्टार्टअप यूनिकॉर्न बनने की राह पर है। जिससे 50 हजार से ज्यादा लोगों को डायरेक्ट और इनडाइरेक्ट बेनिफिट मिल रहा है।

राजस्थान में बन रहा इनोवेशन हब ऐसा होगा

स्किल एंड ट्रेनिंग सेशन होंगे

- नए स्टार्टअप और ग्रोथ लेने वाली कंपनियाें को प्रोग्रेस के लिए सरकार अपने स्तर पर ट्रेनिंग देगी। इस इनोवेशन हब में स्टार्टअप के लिए हर फ्लोर पर को-वर्किंग स्पेस होगा और कुछ कंपनियों को केबिन स्पेस भी दिया जा सकेगा।

प्लग एंड प्ले सुविधा

- यहां राजस्थान सरकार प्लग एंड प्ले सुविधा भी होगी। यानि ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा, जिसमें सरकार की ओर से बैठने, इंटरनेट चलाने और नेटवर्किंग की सुविधा भी देगी।

W हब

- यहां की खासियत होगी W हब। यानि ये पूरा एरिया महिलाओं के लिए रिजर्व रहेगा। एक सेक्टर पूरी तरह से वुमेन बेस्ड होगा। हालांकि इसमें अभी रिजर्वेशन तय नहीं किया गया है, लेकिन इसमें वुमेन आन्त्राप्रेन्योर पर फोकस रहेगा।

हर कंपनी को 3 से 5 हजार नौकरी देने का टारगेट

हर स्टार्ट अप के जरिए करीब 50 लोगोंं को सीधे तौर पर एक कंपनी से जोड़ा जाएगा। स्टार्टअप के एक्स्पर्ट मानते हैं कि एक यूनिकॉर्न कंपनी 3 से 5 हजार लोगों को रोजगार देने में सक्षम होती है। ऐसे में राजस्थान में भी आने वाली कंपनियों को भी 3 से 5 हजार लोगों को नौकरी देने का टारगेट दिया जाएगा।

अभी राजस्थान में केवल दो बिलियन डॉलर की कंपनी, टारगेट 5 से 8 कंपनियोंं का

जब स्टार्टअप शुरू होता है कई बार सरकार अपने स्तर पर कॉर्पोरेट कंपनियों के साथ मिलकर इस पर काम करती है। ऐसा प्रयास किया जाता है कि इन कंपनियों की वैल्यूएशन बढ़ाई जाए। जब कोई कंपनी 1 बिलियन डॉलर की हो जाती है तो उसे यूनिकॉर्न माना जाता है।

भारत में इस लिहाज से कंपनी का वैल्यूएशन 8200 करोड़ रुपए होना चाहिए। राजस्थान से वर्तमान में दो यूनिकॉर्न कंपनी हैं। इसमें एक कार देखाे और दूसरी डील शेयर है। हालांकि, राजस्थान के करीब 20 से ज्यादा ऐसे फाउंडर्स और आन्त्रोप्रेन्योर हैं जो कि यूनिकॉर्न कंपनी चलाते हैं या उनके पार्टनर हैं। लेकिन, यह कंपनियां राजस्थान में रजिस्टर्ड नहीं होकर देश के अन्य राज्यों में रजिस्टर्ड हैं।

अब तक 15 हजार को जॉब, 3500 से ज्यादा स्टार्टअप रजिस्टर्ड

राजस्थान में फिलहाल 3500 से ज्यादा स्टार्टअप रजिस्टर्ड है। पिछले एक साल में राजस्थान सरकार ने 9 नए इंक्युबेशन सेंटर्स खोले हैं। इनमें 7 तो संभाग मुख्यालय पर है और इसके अलावा पाली और चूरू दो एजुकेशन सेक्टर होने की वजह से जिला मुख्यालय पर यह इंक्युबेशन सेंटर्स खाेले गए हैं।

इन इंक्युबेशन सेंटर्स को खाेले जाने के बाद राजस्थान में करीब 1500 नए स्टार्टअप सामने आए हैं। यानी राजस्थान के युवा अब इनोवेशन बेस्ड बिजनेस करने में रुचि दिखा रहे हैं। इससे करीब 15 हजार युवाओं को नौकरी मिल चुकी है।