करौली ब्यूरो रिपोर्ट। 

पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों को नहरों के माध्यम से चंबल का पानी उपलब्ध कराने वाली ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग अब दिल्ली तक जा पहुंची है। सोमवार आज पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना किसान विकास समिति के प्रदेशाध्यक्ष रामनिवास मीना और प्रदेश मुख्य संयोजक रविंद्र मीना के नेतृत्व में किसान नई दिल्ली पहुंचे और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को चंबल के पानी से भरा चांदी का कलश भेंट किया। इस दौरान उन्हें ज्ञापन सौंपकर ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग की।

13 जिलों में भीषण पेयजल संकट
प्रदेशाध्यक्ष रामनिवास मीना ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि चंबल के पानी के अभाव में पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में भीषण पेयजल संकट बना हुआ है। सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं होने से खेत बंजर होने लगे हैं। इससे औद्योगिक संस्थान भी स्थापित नहीं हो पा रहे हैं और बेरोजगारी के साथ गांवों से पलायन बढ़ रहा है। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने प्रदेशाध्यक्ष रामनिवास मीना और प्रदेश मुख्य संयोजक रविंद्र मीना एवं मौजूद किसानों की बात को गंभीरता से सुना और कहा कि केंद्र सरकार पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों की पेयजल और सिंचाई की समस्या को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगर सकारात्मक भूमिका निभाए तो पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान हो सकता है।

केंद्र सरकार द्वारा सकारात्मक रूप से किया जा रहा है कार्य
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने यह भी कहा कि उन्होंने पूर्वी राजस्थान की पेयजल और सिंचाई समस्या के समाधान के लिए नदियों को जोड़ने का प्रोजेक्ट तैयार कराया है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि पूर्वी राजस्थान की पेयजल और सिंचाई की समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार द्वारा सकारात्मक रूप से कार्य किया जा रहा है।

ये रहे मौजूद
प्रदेशाध्यक्ष रामनिवास मीना और मुख्य संयोजक रविंद्र मीना के साथ महिला प्रकोष्ठ की प्रदेशाध्यक्ष संगीता गुर्जर, प्रदेश मीडिया प्रभारी दीनदयाल सारस्वत, सुमंत मीना, देवेंद्र खटाना, दौसा के छात्रसंघ अध्यक्ष संजय भनडाना, कुलदीप कांसला, सवाई माधोपुर के जिला परिषद सदस्य एसपी बरियारा भी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।