करौली ब्यूरो रिपोर्ट। 

करौली के कलेक्ट्रेट सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री रमेश मीणा ने अधिकारियों को पंचायतीराज विभाग की योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

मंत्री रमेश मीणा ने कहा कि मनरेगा के तहत पंजीकृत नरेगा मजदूरों के जॉब कार्ड बिना कारण निरस्त कर दिए जाते हैं, ये गंभीर मामला है। मनरेगा मजदूरों को समय पर काम मिलें, इसमे किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं हो। पंचायतीराज विभाग के कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि करौली में होने वाले विकास कार्य एक मॉडल के रूप में हो। अधिकारियों को ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के कार्यों को समय पर पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग द्वारा संचालित वाटिकाओं की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि मंडरायल क्षेत्र में पीएम कृषक सिंचाई योजना द्वितीय के कार्य समय पर शुरू हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने जल ग्रहण विकास के कार्यों में गति लाने, गुणवत्ता और मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सांसद और विधायक निधि से स्वीकृत विकास कार्य में देरी होने पर नाराजगी जताई। कार्यों को प्राथमिकता से पूरे करने के निर्देश दिए।

मनरेगा मजदूरों की आधार सीडिंग के कार्य में पिछड़ने पर मंत्री रमेश मीणा और एसीएस अभय कुमार ने नाराजगी जताई। अधिकारियों को हर हाल में जून के अंत तक आधार सीडिंग का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि जून के बाद आधार सीडिंग के बिना मनरेगा मजदूरों का भुगतान नहीं होगा। इस दौरान एवीएस के कार्य को भी पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान करौली, मासलपुर, मंडरायल और सपोटरा में मनरेगा मजदूरों की आधार सीडिंग के कार्य में पिछड़ने पर नाराजगी जताई।

मंत्री ने पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को बकाया किश्त जारी करने, योजना का भौतिक सत्यापन 15 दिन में राज्य स्तर से कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने मनरेगा, पीएम आवास योजना और मनरेगा मजदूरों की आधार सीडिंग, जन भागीदारी, मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम, सांसद आदर्श गांव विकास योजना, डांग विकास, स्वविवेक योजना, जल ग्रहण विकास सहित पंचायतीराज विभाग की अन्य योजनाओं की समीक्षा की।

महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर स्वावलंबी बनें
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री ने बुधवार को राजीविका के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से उनके प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि महिलाएं जो अचार, पापड़, सिलाई, बुनाई जैसे अन्य कार्य कर लाभ प्राप्त कर रही हैं, उसमे वृद्धि करें और ऐसे डेयरी, पशुपालन आदि क्षेत्रों में भी कार्य करें तो निश्चित ही उन्हें अधिक लाभ मिलने लगेगा क्योकि अचार पापड़ जैसे छोटे-छोटे कार्यों में कम बचत होती है, लेकिन उसी की अच्छी पैंकिग कर अधिक से अधिक माल की खपत करेंगी तो कम बचत में भी अधिक लाभ होगा। वैसे महिलाएं जागरूक हो रही हैं और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बैंकों से भी ऋण प्राप्त कर व्यापार बढ़ा रही हैं और सशक्त और स्वावलंबी बनने की दिशा में अग्रसर हो रही हैं। उन्होंने इस मामले में अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं को नए नए व्यापार के बारे में अवगत कराएं और बैंकों से जोड़कर ऋण दिलाएं और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में अग्रसर करें। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं को इस प्रकार के व्यापार के लिए जगह उपलब्ध करवाने के मामले में जिला कलेक्टर से चर्चा की।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार ने कहा कि ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज का जो बजट दिया है उसका सही उपयोग हो और विकास धरातल पर दिखे। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। शासन सचिव मंजू राजपाल ने कहा कि कई योजनाओं के क्रियान्वयन में कुछ जिले ऐसे हैं जो अच्छा कर रहे हैं कुछ ऐसे जो अच्छा नहीं कर रहे हैं उसका समाधान किस प्रकार किया है इसके लिए उन्होंने अधिकारियों से एक दूसरे से प्रेरित होकर करौली जिले में विकास कैसे किया जाए उस पर लक्ष्य निर्धारित करते हुए विकास कार्यों को करें। पंचायतीराज विभाग की निदेशक रश्मि गुप्ता, मनरेगा आयुक्त शिवानी स्वर्णकार ने भी पंचायतीराज विभाग की योजनाओं में प्रगति लाने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ऋषभ मंडल ने पॉवर प्रेजेंटेशन के माध्यम से पंचायतीराज विभाग की संचालित योजनाओं की विस्तार से प्रगति के बारे में अवगत कराया। बैठक में जिले की सभी पंचायत समितियों के प्रधान, विकास अधिकारी सहित ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।