उदयपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 
महाराज कुमार विश्वराज सिंह जी मेवाड़ ने पूजा अर्चना के साथ सर्व प्रथम भगवान जग्गनाथ के रथ को खींच कर प्रारंभ की उदयपुर में रथ यात्रा निकाली।  20 जून को प्रति वर्ष की तरह भगवान जगन्नाथ राय जी , रजत-रथ पर बीराज कर नगर भ्रमण को पधारें। उक्त जगन्नाथ स्वामी जी की रथ-यात्रा में महाराज कुमार विश्वराज सिंहजी मेवाड़ एवं महाराज कुंवरानी साहिबा मेवाड़ दर्शन हेतु पधारें। इस शुभ अवसर पर समस्त मेवाड़ से हजारों हजारों की संख्या में क्षत्रिय व अन्य समाज के लोग महाराज कुमार साहब विश्वराज सिंह जी मेवाड़ के साथ थे ।  
सर्व प्रथम क्षत्रियजन  समोर बाग पैलेस में एकत्रित हुए जिसमे भूपाल नोबल्स यूनिवर्सिटी प्रेजिडेंट प्रोफेसर शिव सिंह सारंगदेवोत, भूपाल नोबल्स संस्थान मंत्री महेंद्र सिंह आगरिया, भूपाल नोबल्स संस्थान एमडी मोहब्बत सिंह राठोड,वित्त मंत्री महाराज शक्ति सिंह कारोहि, कुलदीप सिंह ताल, प्रताप सिंह तलावदा, मेवाड़ क्षत्रिय महासभा से श्री महेंद्रनाथ फलीचडा, सुरेंद्र सिंह  , कृष्णपाल सिंह चुंडावत , श्री अजय सिंह पहल , श्री रणविजय सिंह पवार अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा अध्यक्ष यादवेंद्र सिंह जी रलावता, रणवीर सिंह जोलावास, भानु प्रताप सिंह थाणा , नरेंद्र सिंह जी शेखावत अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा 1897'
 के रघुवीर सिंह राठौड़, राष्ट्रीय राजपूत करनी सेना के जिला संयोजक अर्जुन सिंह जी, महाराव शेखा ग्रुप के किशोर सिंह जी शेखावत,सकल राजपूत महासभा के विजय सिंह जी कच्छावा, शिक्षक नेता पुष्पराज सिंह जी शक्तावत सहित सैकड़ों क्षत्रिय महाराज  कुमार साहव व महाराज कुंवरानी सा के साथ समोर बाग से रवाना होकर जगदीश मंदिर पधारे जंहा महाराज कुमार साहब व कुंवरानी सा ने भगवान जगदीश के दर्शन व पूजा अर्चना की । उसके बाद महाराज कुमार साहब का मंदिर परिसर में बिराजना हुवा जंहा मंदिर के पुजारियों, सर्व समाज के पदाधिकारी तथा नगरवासियों द्वारा उपरना ओढ़ाकर व फूलमाला आदि भेंट कर स्वागत आदि हुवा । उसके बाद महाराज कुमार साहब ने करीब 2 घंटे मंदिर परिसर में बिराजकर सभी श्रदालुओ से भेंट की। उसके बाग भगवान जग्गनाथ की प्रतिमाओं को मंदिर के बाहर खड़े 80 किलो चांदी के विशाल रथ में पदराया गया फिर महाराज कुमार साहब ने रथ में चढ़ कर पूजा आदि की । उसके बाद सर्व प्रथम रथ को महाराज कुमार साहब श्री विश्वराज सिंह जी मेवाड़ ने खिंच कर आगे बढ़ाया और फिर  रथ यात्रा प्रारंभ हुई।  महाराज कुमार साहब उदयपुर नगर में सम्पूर्ण यात्रा में आगे आगे पैदल चल रहे थे। सम्पूर्ण मार्ग पर लोगों ने जगह जगह यात्रा का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया । महाराज कुमार  मार्ग में सभी से बड़े ही सहज भाव व आत्मीयता से मिलते हुवे पधार रहे थे जो कि सभी श्रदालुओ व नगरवासियों को अच्छा लग रहा था।