करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
करौली जिले के भूरे का पुरा गांव में 20 वर्षीय युवक की मारपीट कर निर्मम हत्या के मामले में 19 घंटे बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त हो गया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा शुक्रवार को मौके पर पहुंचे और परिजनों से बात की, जिसके बाद परिजन धरना-प्रदर्शन खत्म कर शव लेने पर सहमत हुए। इस दौरान मंत्री ने जन सहयोग से 7 लाख की आर्थिक सहायता, सरकारी योजनाओं का लाभ और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। धरना खत्म होने के बाद परिजन शव को लेकर अपने गांव रवाना हो गए।
इससे पहले शुक्रवार सुबह परिजन और ग्रामीण अस्पताल के गेट के बाहर धरने पर बैठे गए। परिजन हत्या के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, मृतक के पिता को 31 हजार रुपए की मासिक पेंशन, 21 लाख की आर्थिक सहायता, सुरक्षा के लिए लाइसेंसी हथियार देने की मांग कर रहे थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों से बात करने की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बनी। दोपहर में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा हॉस्पिटल पहुंचे और करीब 5 मिनट में ही धरना खत्म करा दिया। इस दौरान एएसपी सुरेश जैफ, डीएसपी अनुज शुभम, करौली थाना अधिकारी उदय भान सहित पुलिस बल मौजूद रहा।
एएसपी सुरेश जैफ ने बताया कि परिजनों ने रिपोर्ट में बताया कि मृतक आशाराम उर्फ आशु (20) पुत्र बत्तीलाल निवासी भूरे का पुरा गुरुवार दोपहर को अपने ताऊ के घर बैठा था। इस दौरान कुछ युवकों ने उसे बुलाया और बाइक पर बैठाकर ले गए और करीब 2 घंटे बाद मारपीट कर घर से दूर एक पत्थर पर पटक गए। मृतक के सिर सहित शरीर पर कई स्थानों पर जलाने के निशान मिले हैं। परिजनों ने प्लास से नाखून उखाड़ने के भी आरोप लगाए हैं।
5 बहनों का था इकलौता भाई
आशाराम घर में सबसे छोटा था और जयपुर में रहकर बीएससी सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था। उसकी 5 बड़ी बहनें हैं, जिनकी शादी हो गई थी। उसके पिता बीमार रहते हैं। मां मजदूरी कर घर चलाने के साथ ही आशाराम को भी पढ़ा रही थी।


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