जोधपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 

एएनएम भंवरी हत्याकांड मामले में 10 साल जेल में रहकर जमानत पर बाहर आए लूणी से पूर्व विधायक मलखान सिंह विश्नोई के साथ 23 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी हो गई। पूर्व ‌विधायक ने बोरनाडा थाने में निवेश का झांसा देकर ठगने का मामला दर्ज कराया है। आरोप लगाया कि अच्छे रिटर्न का झांसा देकर कुल 23 लाख 15 हजार 736 रुपए हड़प लिए गए।

रिपोर्ट में बताया कि सहारा इंडिया के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें अच्छे रिटर्न का झांसा देकर पैसा निवेश कराया। पैसा लौटाने के लिए बार-बार कहने पर भी नहीं लौटाए।

पूर्व विधायक ने बताया कि कुछ सालों पहले सहारा इंडिया के तत्कालीन मैनेजर तेजाराम खत्री, वर्तमान मैनेजर प्रवीन कुमार, एजेंट अब्दुल मुकीद ने उन्हें झांसे में लिया और सहारा इंडिया की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बताया।

उन्होंने रिपोर्ट में बताया- सहारा इंडिया के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें कई तरह की स्कीम्स बताई और पैसे इन्वेस्ट करने पर ऊंची ब्याज दर से रिटर्न करने का आश्वासन दिया था। उनके कहने पर हर महीने 18 हजार रुपए 6 साल के लिए इन्वेस्ट करना शुरू किया।

2015 में जमा कराई पहली किस्त
रिपोर्ट में मलखान सिंह की ओर से बताया गया कि 15 जुलाई 2015 को उन्होंने पहली किस्त जमा करवाई। अंतिम किस्त 21 जून 2021 को जमा करवाई गई। कुल 72 किस्तों में 12 लाख 96 हजार रुपए का भुगतान सहारा इंडिया को किया।

कब कितना इन्वेस्ट किया

  • 31 मई 2012 - 1 लाख 72 हजार रुपए
  • 6 फरवरी 2016 - 33 हजार 936
  • 6 फरवरी 2016 - 4 लाख 76 हजार 192 रुपए
  • 11 फरवरी 2016 - 2 लाख 1 हजार 246
  • 11 फरवरी 2016 - 33 हजार 936 रुपए इन्वेस्ट करवाए गए।

इसके अलावा 15 फरवरी 2016 को 33 हजार 936, 11 मार्च 2016 को 34 हजार 354 रुपए इन्वेस्ट किए। इस तरह पूर्व विधायक से कुल 23 लाख 15 हजार 736 रुपए इन्वेस्ट करवा लिए, लेकिन रिटर्न के नाम पर कुछ भी नहीं मिला।

पूर्व विधायक ने बार-बार अपना पैसा रिटर्न करने की डिमांड की,लेकिन हर बार टाल दिया गया। रिपोर्ट में पूर्व विधायक ने कहा कि कई बार कहने के बावजूद भी कंपनी की ओर से उनके पैसे नहीं लौटाए गए।

कौन है मलखान सिंह

मलखान सिंह भंवरी हत्याकांड केस में जमानत पर जेल से बाहर हैं। वे दस साल जेल काट चुके हैं। जोधपुर के बिलाड़ा की एएनएम भंवरी देवी 1 सितंबर 2011 को अचानक लापता हो गई थी। भंवरी जोधपुर के बिलाड़ा से गायब हुई थी। उसने दावा किया था कि उसके पास एक सीडी है, जिसमें तत्कालीन गहलोत सरकार के एक कैबिनेट मंत्री और विधायक के कारनामे हैं। दावा किया था कि यह सीडी 3 दिन में राज्य की सरकार गिरा देगी।

सीबीआई जांच के मुताबिक भंवरी पैनन कस्बे के जिला अस्पताल में एएनएम थी। नौकरी से गायब रहने के कारण उसे सस्पेंड कर दिया गया था। नौकरी वापस पाने के लिए वह लूणी विधायक मलखान सिंह के पास गई थी। मलखान सिंह उसे तत्कालीन जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा के पास ले गया था। दोनों की सिफारिश पर भंवरी को उसके घर के पास सरकारी हॉस्पिटल में पोस्टिंग दे दी गई थी।