बाड़मेर/जोधपुट/जालोर ब्यूरो रिपोर्ट।
'बिपरजॉय' तूफान के दो दिन पहले गुजरात से टकराने के बाद शुक्रवार देर रात से इसका असर राजस्थान में दिखना शुरू हो गया। गुजरात बॉर्डर से सटे सिरोही के माउंट आबू, जालोर के सांचौर और बाड़मेर के चौहटन समेत आस--पास के इलाकों में शुक्रवार देर रात से ही आंधी के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।
हालात ये हैं कि बाड़मेर के रेगिस्तानी इलाके में कॉलोनियां पूरी तरह से डूब गई हैं। जिले के कई गांवों में बिजली सप्लाई को बंद कर रखा है। कॉलोनियों में पानी के नाले बहने लगे हैं।
बिपरजॉय का प्रभाव जालोर के सांचौर में भी है। यहां पिछले दो दिन से न सब्जी मिल रही है न ही फल। बड़ी मुश्किल से यहां के लोगों को दिन में दूध सप्लाई किया जा रहा है। इसके अलावा आस-पास के गांवों में ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी भी टूट गई है।
बाड़मेर की कॉलोनियों में बहने लगीं 'नदियां'
बाड़मेर जिले के चौहटन, सेड़वा, धनाऊ इलाके में 6 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। सुबह से 45-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं।
हालात ये हैं कि चौहटन इलाके के आस-पास के तालाब चिपल नाडी, सोन तालाब, राम तालाब, बाणेसर लबालब भर चुके हैं।
चौहटन, बावड़ी, बूठ, बूठ रौठाड़ान, गुमने का तला, मिठराऊ, सरूपे का तला, गोहड़ का तला, बींजासर, बीसासर, ईशरोल कापराऊ सहित कई गांवों में तेज बारिश हो रही है।
चौहटन कस्बे में कॉलोनियों में 4-6 फीट तक पानी बह रहा है। कस्बे के दर्जनों घरों में पानी भर गया है। पुलिस व एसडीआरएफ की टीमें 8 हजार से ज्यादा लोगों को शिफ्ट करवा चुके हैं।
प्रशासन ने एनडीआरएफ को बुलाया
कलेक्टर अरुण पुरोहित ने बताया कि बाड़मेर के हालात को देखते हुए NDRF टीम को बुला दिया गया है। कवास, चौहटन, धनाऊ और धोरीमना इलाके में एक-एक टीम भेजी गई हैं।
उन्होंने बताया कि बाड़मेर के लिए अगले 12 घंटे महत्वपूर्ण हैं। तूफान फिलहाल सिणधरी, बायतु के आस-पास है। तूफान का मूवमेंट आने वाले 12 घंटों में किस तरफ रहेगा यह देखने वाली बात होगी।
बाड़मेर में यहां इतनी बारिश
चौहटन, धनाऊ, बाखासर, साता इलाके में बीती रात से लगातार बारिश हो रही है। शनिवार दोपहर 12 बजे तक सेड़वा में 211 एमएम बारिश, धोरीमना में 110, चौहटन में 130 एमएम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि जिलेभर में मूसलाधार बारिश हो रही है।
400 से ज्यादा गांवों में ब्लैकआउट
बाड़मेर डिस्कॉम एसई अजय माथुर ने बताया कि एहतियात के तौर पर चौहटन, सेड़वा, धोरीमना इलाके में बिजली सप्लाई बंद कर दी है। यहां की 174 ग्राम पंचायत के करीब 500 गांवों में ब्लैकआउट किया हुआ है। इससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। शनिवार को तूफान को देखते हुए चौहटन, सेड़वा, धोरीमना ब्लॉक के गांवों की बिजली सप्लाई बंद की गई है।
सांचौर में दो दिन से न फल न सब्जी, पूरा बाजार बंद
बिपरजॉय के असर से पहले ही जालोर जिले के सांचौर में 16 जून से बाजार को बंद रखने की घोषणा कर दी थी। शुक्रवार रात अचानक तेज हवा और बारिश के दौर से हालात बिगड़ने लगे। ऐसे में शनिवार को भी फल-सब्जी आदि की दुकानें बंद रहीं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बाजार में सब्जी और फल की दुकान नहीं खुलने से काफी परेशानी हो रही है। केवल बाजार में दूध मिल रहा है। समस्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष हरीश पुरोहित सीलू ने बताया कि सांचौर में 4 हजार से ज्यादा दुकानें हैं। चक्रवात की वजह से शहर में 50 करोड़ रुपए से ज्यादा का व्यापार प्रभावित हुआ है।
गांवों में 24 तो शहरों में 10 घंटों से बिजली गुल
बिपरजॉय तूफान के चलते दो दिन से चल रही तेज हवा के कारण गांवों में पिछले 24 घंटों से बिजली की आपूर्ति बंद है। वहीं सांचौर शहर में जगह-जगह बिजली के पोल गिरने के चलते 10 घंटों से बिजली आपूर्ति ठप है।
सांचौर शहर को गांवों से जोड़ने वाले रास्ते भी बंद पड़े हैं। यहां गांवों से भी बस नहीं चल रही हैं।
माउंट आबू में ट्रेकिंग समेत ऊंचाई वाले सभी रास्ते बंद
माउंट आबू में शुक्रवार दोपहर 1 बजे से लगातार बारिश का दौर जारी है। यहां के ढुंढाई, कुम्हारवाड़ा समेत कुछ अन्य क्षेत्रों में शुक्रवार से बिजली सप्लाई बंद पड़ी है। डिस्कॉम के एईएन शंभु सिंह ने बताया कि कुम्हारवाड़ा फीडर में बड़ा फॉल्ट होने से आस-पास बिजली सप्लाई बंद है।
SDM सिद्धार्थ पालानीचामी ने बताया कि बारिश को देखते हुए ट्रेकिंग, सनसेंट पॉइंट, ट्रेवर्स टैंक समेत ऊंचाई वाले सभी रास्तों को बंद किया गया है। तेज बारिश के कारण गुरु शिखर वाले रास्तों को भी बंद किया गया है।
जोधपुर की कॉलोनी, जहां 500 से ज्यादा लोगों को खतरा
जोधपुर में अभी तूफान असर दिखना शुरू नहीं हुआ है। लेकिन, जोधपुर प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारी शुरू कर दी है। यहां सबसे ज्यादा खतरा शहर की डर्बी कॉलोनी को है। जहां बारिश से शहर का सारा पानी यहीं पर जमा होता है।
अभी से यहां पानी जमा होना शुरू हो गया है। यहां करीब 200 मकान हैं, जिनमें 500 से ज्यादा लोग रहते हैं। अभी 3 पंप लगाकर यहां से पानी को खाली करवाया जा रहा है।
यहां रहने वाले महेश यादव बताते हैं कि बाहर का पानी आता है तो हर साल ऐसी समस्या आती है।
जैसलमेर के रहने वाले चंदन सिंह पिछले कई साल से डर्बी कॉलोनी में ही रहते हैं। वे बताते हैं कि कई बार खिड़की से पानी अंदर आता है तो बाहर खुले में जाकर बैठ जाते हैं। घर का सामान भी खराब हो जाता है, लेकिन क्या करें इसको छोड़ कर जा भी नहीं सकते।
सिरोही में पांच दिन का स्टॉक कर रहे हैं लोग
माउंट आबू के साथ सिरोही मेंं भी शनिवार सुबह से बारिश का दौर जारी है। मौसम केंद्र जयपुर की ओर से आने वाले 24 घंटे में सिरोही में बाढ़ का अलर्ट भी जारी किया गया है। ऐसे में लोग दूध-ब्रेड के साथ खाने का चार-पांच दिन का स्टॉक कर रहे हैं।
आम्बेश्वर सेल्स एजेंसी डेयरी के सेल्समैन शंकर प्रजापत ने बताया कि पिछले 2 दिन में दूध और दही के अलावा ब्रेड की बिक्री अधिक रही है। सामान्य दिनों में 500 थैलियां (पैकेट) दूध की आती हैं जो शाम तक चलती हैं। लेकिन, इन दो दिनों में ये हालात हैं कि दोपहर 12 बजे तक 500 थैलियां खत्म हो रही हैं।



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