टोंक ब्यूरो रिपोर्ट। 

मेहंदवास थाना क्षेत्र के काबरा में शनिवार सुबह पत्थर की खान ढहने से उसके मलबे में दबने से दो मजदूरों की मौत हो गई। यह हादसा गत दिनों हुई बारिश के बाद बाहर एकत्रित हुई पानी का रिसाव खान में होने से हुआ। हादसे का पता लगने के बाद साथी मजदूरों ने दोनों को मलबा हटाकर बाहर निकाला और घायल हालत में सआदत अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन और कांग्रेस नेता अस्पताल पहुंच गए और मुआवजे की मांग को लेकर शव नहीं लेने पर अड़ गए। लीजधारक द्वारा 15-15 लाख रुपए मृतकों के परिजनों को देने पर सहमति बनने के बाद शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।

मेहंदवास थाना प्रभारी उदयवीर सिंह ने बताया कि काबरा में फेल्सपार क्वार्ट्ज पत्थर की खान है, जो 60-70 फीट गहरी है। इसमें सुबह करीब 8 बजे मजदूर लवादर निवासी शेरू खान (28) पुत्र वली मोहम्मद और दलपुरा (भीलवाड़ा) निवासी देवलाल पुत्र प्रभु गुर्जर काम करने के लिए उतरे थे। करीब 20 मिनट बाद ही खान का एक हिस्सा इनके ऊपर गिर गया। इससे दोनों मजदूर उसके मलबे में दब गए। इसका पता लगने के बाद अन्य मजदूर खान में उतरे और दोनों मजदूरों को बाहर निकाल कर अस्पताल ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। डीएसपी सलेह मोहम्मद, मेहंदवास थाना प्रभारी उदयवीर सिंह मय जाप्ते के सआदत अस्पताल पहुंचे। इस बीच मृतकों के परिजन, अरनिया केदार के सरपंच हंसराज फागणा सहित कांग्रेसी नेता भी अस्पताल पहुंचे। वे मुआवजे की मांग को लेकर शव नहीं लेने पर अड़ गए।

इस बीच खान के साइड इंचार्ज राधेकिशन श्रीवास्तव भी अस्पताल पहुंचा। उसने परिजनों की मंशा से लीजधारक को अवगत कराया। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हुआ कि लीज धारक प्रत्येक मृतक के परिजनों को 15 लाख रुपए की सहायता राशि देगा। उसके बाद परिजन शव लेने पर राजी हुए। पुलिस ने दोपहर करीब 1 बजे शव पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने बताया कि दोनों मृतक अविवाहित हैं। भीलवाड़ा जिले का मृतक करीब एक साल और लवादर का मजदूर करीब तीन साल से काम कर रहा था।

खान सुरक्षा विभाग अजमेर करेगा जांच
खनिज विभाग के अधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि यह खान करीब 25 हेक्टेयर है। यह करीब 30 साल पुरानी लीज होगी। इस खान में यह पहला हादसा है। इसकी सूचना खान सुरक्षा विभाग अजमेर को दी जाएगी। फिर वहां से टीम अपने स्तर पर खान का विजिट करने आती है। वह टीम देखती है कि हादसे के दौरान सुरक्षा के मापदंड अपनाए थे या नहीं। उसके बाद आगे की कार्रवाई उच्च स्तर से होगी। वैसे सेफ्टी के हिसाब से खान के फैंसिंग कर रखी थी।

500 से 4000 रुपए प्रति क्विंटल बिकता है यह पत्थर
इस कारोबार से जुड़े असफाक मंसूरी उर्फ सद्धाम ने बताया कि यह पत्थर 500 से 4000 रुपए प्रति क्विंटल बिकता है। इसमें फेल्सपार करीब पांच 500 रुपए प्रति क्विंटल और क्वार्ट्ज पत्थर 4000 रुपए तक बिकता है। फेल्सपार क्रीम कलर का होता है और क्वार्ट्ज पत्थर सफेद होता है।