जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।  

गुजरात में तबाही मचाने वाला बिपरजॉय राजस्थान काे तरबतर कर गया। इसकी वजह से 5वें दिन भी कई जिलों में बारिश का दौर चला। माैसम विभाग का अनुमान है कि इस बार मानसून देरी से आएगा और सामान्य से कमजाेर रहेगा। लेकिन बिपरजॉय ने राजस्थान में पश्चिम से लेकर पूर्वी जिलाें तक को भिगो दिया। गुजरात में जहां इसकी रफ्तार 125-150 किमी/घंटा थी। यह कच्छ वाले हिस्से को एक दिन में पार कर राजस्थान में प्रवेश कर गया। यहां बाड़मेर से एंट्री करते हुए यह डीप डिप्रेशन यानी कमजाेर हाे गया। क्याेंकि यहां चक्रवात काे नीचे के लेवल पर नमी नहीं मिली। ऐसे में लाे प्रेशर एरिया बनते ही जमकर बरस पड़ा।

प्रदेश में बारिश के चलते जुलाई तक काेटा पूरा हाे गया और मानसून से पहले ही बुआई-जुताई का दाैर शुरू हाे गया। राज्य में 20 जून तक औसत बारिश 28.74 मिमी के मुकाबले 92.09 मिमी पानी बरस चुका है, जाे औसत के मुकाबले 220% ज्यादा है। इस बार चक्रवात के चलते प्री-मानसून में ही 5 जिले बाड़मेर, जाेधपुर, पाली, सिराेही, जालोर, अजमेर में बाढ़ के हालात हैं। नदियां उफानाई और 60 बांध छलके। कुल 19 जिलों में असामान्य बारिश हुई।

बीते 24 घंटों में अजमेर, भीलवाड़ा, धौलपुर, बारां, चित्तौड़गढ़, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली में भारी से अति भारी बारिश हुई। सर्वाधिक 7.40 इंच धौलपुर में हुई।

गुजरात में एक भी मौत नहीं, राजस्थान में 4 दिन में 7

गुजरात : पहले से अलर्ट रहा, 1.10 लाख लोग शिफ्ट किए, बारिश सिर्फ 9 इंच हीचक्रवात के चलते गुजरात हाई अलर्ट पर था। भुज, द्वारका, जामनगर, कच्छ इलाका प्रभावित रहा। यहां 15 जहाज, 7 एयरक्राफ्ट और 21 हजार नावें लगाई गई थी। यहां एक दिन में सर्वाधिक 9 इंच बारिश हुई। 5 से 10 किमी दायरे में 1.10 लाख लाेग और 17 हजार पशुओं काे शिफ्ट किया। सरकार का दावा है कि चक्रवात के कारण एक भी मौत नहीं हुई।

राजस्थान : पांच दिन तक पूरे प्रदेश में असर, एक ही दिन में 21.4 इंच बारिश हुई

14 जिले बाड़मेर, जालाेर, सिराेही, राजसमंद, उदयपुर, चित्ताैड़, पाली, अजमेर, टाेंक, स.माधाेपुर, भीलवाड़ा, नागाैर, टाेंक, अजमेर में असर। पाली के माेठाना में 21.4 इंच बारिश रिकाॅर्ड हुई। हवा की रफ्तार-60 से 65 किमी/घंटा रही। 700 परिवाराें का शिफ्ट किया गया। सैंकड़ाें गावाें की बिजली गुल रही। सेना, एसडीआरएफ की टीमें तैनात हुई। यहां वर्षाजनित हादसों में 4 दिन में 17 जानें गईं।

राजसमंद में 4, जोधपुर में 3, बाड़मेर में 5, धौलपुर में 1, बूंदी में 2, पाली में 2 मौतें हुईं। हालांकि इनमें से ज्यादातर छत गिरने या डूबने से हुए हैं।

8700 कच्चे घर, 225 स्कूल भवन क्षतिग्रस्त, 35 हजार घरों में नुकसान, बिजली के 8500 पोल टूटे

सीएम ने ली ग्राउंड रिपोर्ट, कई जिलों में हवाई दौरा, कहीं पीड़ितों से मिले

बाड़मेर/जयपुर | सीएम अशोक गहलोत ने मंगलवार को बाड़मेर के चौहटन, धनाऊ, जालोर के सांचौर और सिरोही के आबू रोड में चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया। लोगों से भी मिले। उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा- एनडीआरएफ नियमों में बदलाव से राहत पहुंचाने में देरी हो रही है। ऐसे समय में कांग्रेस क्या, भाजपा क्या? सभी को मिलकर जनता की सेवा करनी चाहिए। ऐसे समय में भी भाजपा राजनीति करती है। गहलोत ने कहा- प्रारंभिक आकलन में 8700 कच्चे घर, 225 स्कूल भवन क्षतिग्रस्त हुए। 35 हजार घरों काे आंशिक नुकसान हुआ है। प्रदेश में 8500 बिजली के पोल, करीब 2000 ट्रांसफार्मर काे नुकसान पहुंचा है।

सर्वे कराकर पीड़ितों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।

इससे पहले सीएम ने बाड़मेर में कहा कि 15 हजार से अधिक लोगों को बिपरजाय आने से पूर्व ही शिफ्ट किया गया था। साथ ही, लगभग 2 हजार लोगों को बचाव टीमों द्वारा रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। आर्मी के साथ ही एसडीआरएफ की 17 और एनडीआरएफ की 8 टीम सहित राहत एवं बचाव कार्यों में आपदा मित्रों, नागरिक सुरक्षा की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

आगे : आज से भारी बारिश नहीं

21 जून से भारी बारिश का दौर कम होगा। पूर्वी जिलों में छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं। 24-25 जून से गतिविधियों में बढ़ोतरी हाेगी।

मानसून से पहले ही बांधाें में 50% पानी...पिछले साल 35% था

बारिश से बांधाें में पानी की आवक हुई। जल संसाधन विभाग के अनुसार, मानसून से पहले बांध में कुल क्षमता का 50% पानी है। पिछले साल जून में केवल 35% पानी था। राज्य के 690 बांधाें की क्षमता 12580.03 एमक्यूएम है। फिलहाल इनमें 6227.91 एमक्यूएम पानी है।