उदयपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 

वन विभाग की 22 बीघा जमीन को भू-माफिया को देने, गबन और तय दर से ज्यादा में काम कराने के मामले में जांच शुरू हो गई है। सीएमओ के आदेश के बाद वन विभाग ने इस संबंध में कमेटी बना दी है। यह कमेटी अगले 2-3 दिन में रिपोर्ट सौंप देगी, जो सीएमओ भेजी जाएगी।

रामा गांव निवासी डूंगर सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आराेप लगाया था कि क्षेत्रीय वन अधिकारी (उदयपुर-पू्र्व) नरपत सिंह राठौड़ ने देबारी नाका में सेगरा वन खंड की 22 बीघा जमीन पर भूमाफिया से मिलीभगत कर पक्की बाउंड्री बनवा दी है।

यह जमीन एनएच 76 के पास ढीकली गांव की तरफ खसरा संख्या 4199 से 4214 तक है। इसके अलावा कविता गांव में 50-50 हैक्टेयर के वन विकास कार्यों में बीएसआर दर से ऊपर काम करवाए गए और वन सुरक्षा समिति के नाम से बिल बनाकर गबन किया गया।

रामा वन खंड में खसरा संख्या 6006 से 6014 तक वन भूमि खुर्द-बुर्द कर भूमाफिया को बेच दी गई। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने रिपोर्ट मांगी थी। सीसीएफ आरके सिंह ने बताया कि मौका मुआयने करने लिए डीएफओ विधि चंद्रपाल सिंह चौहान को बुधवार को मौके पर भेजा गया। पटवारी से भी नक्शा मंगवाया गया है। गलती किस स्तर पर हुई है और किसने की है, इसकी जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।