भीलवाड़ा ब्यूरो रिपोर्ट।
देश में सबसे ज्यादा महंगी औद्याेगिक बिजली की मार झेल रहे प्रदेश के उद्यमियाें काे राज्य सरकार ने अब डबल फ्यूल सरचार्ज का करंट दिया है। यह पहला माैका है जब राजस्थान में एक साथ दाे फ्यूल सरचार्ज लगाकर उद्याेगाें से वसूली हाे रही है। एक फ्यूल सरचार्ज की वसूली उद्यमियाें से अक्टूबर 2022 से हर महीने हाे रही। दूसरा फ्यूल सरचार्ज अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने एक मेगावाट तक की इंडस्ट्री पर मई 2023 में लगाया है।
यह जुलाई से सितंबर 2022 तक के बिजली उपभाेग पर 0.52 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से लगाया है। इसकी बढ़ी राशि निगम ने उद्याेगाें काे मई महीने के बिल में एक साथ जाेड़कर भेजी है। अलग-अलग उपभाेग के अनुसार एक उद्याेग पर पांच से 15 लाख रुपए का भार पड़ा है। जिले के 700 उद्याेगाें पर यह भार आया है। इन 700 में से 500 टेक्सटाइल और 200 अन्य इंडस्ट्री हैं। भास्कर एक्सपर्ट पैनल के एनालिसस में सामने आया कि दाेनाें फ्यूल चार्ज मिलाकर कुल बिल की राशि के 20 से 25 प्रतिशत हाे रहा है।
2 उदाहरणों से समझे उद्याेगों पर कैसे भार बढ़ा
1. 36.24 लाख का बिल, 9.37 लाख रुपए फ्यूल सरचार्ज... एक इंडस्ट्री के मई महीने में 36 लाख 24 हजार 390 रुपए का बिल आया। उसके जुलाई से सितंबर 2022 तक का बिजली उपभाेग 15 लाख 90 हजार 580 यूनिट था। इस हिसाब से प्रति यूनिट 0.52 रुपए फ्यूल सरचार्ज के हिसाब से यह राशि 8 लाख 27 हजार 101 रुपए बनती है। पहले से 108 नंबर के काेड में वसूले जा रहे फ्यूल सरचार्ज की राशि 1 लाख 10 हजार 561 रुपए हैं। दाेनाें फ्यूल सरचार्ज की राशि 9 लाख 37 हजार 662 रुपए बनती है। यह बिल राशि का 25.87 प्रतिशत है।
2. 65.82 लाख का बिल, 16.96 लाख रुपए का फ्यूल सरचार्ज... एक अन्य इंडस्ट्री के मई महीने का बिल 65 लाख 82 हजार 303 रुपए आया। इस पर स्पेशल फ्यूल सरचार्ज की राशि 1 लाख 67 हजार 294 रुपए पहले से जुड़ी हुई है। इस महीने का फ्यूल सरचार्ज 14 लाख 29 हजार 325 रुपए है। दाेनाें फ्यूल सरचार्ज की राशि 14 लाख 29 हजार 325 रुपए बनती है जाे कुल बिल राशि की 24.26% है।
पुराना फ्यूल सरचार्ज
अक्टूबर 2027 तक हर महीने वसूलेंगे...बिजली कंपनियां पहले से एक मेगावाट की इंडस्ट्री से स्पेशल फ्यूल सरचार्ज (108 काेड) के नाम से हर महीने प्रति यूनिट 4.20 रुपए की वसूल रही है। यह सरचार्ज वसूली जनवरी 2022 से मार्च 2022 तक के तीन महीने के बिजली उपभाेग पर अक्टूबर 2022 से अगले 60 महीने के लिए शुरू हुई थी। यानी यह वसूली अक्टूबर 2027 तक चलेगी। इससे एक इंडस्ट्री पर औसत 66 लाख रुपए का भार आया है।
उद्यमी राज्य सरकार से औद्याेगिक बिजली दरें कम करने की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार ने मांगें मानने के बजाय डबल फ्यूल चार्ज लगाकर दरें और बढ़ा दी हैं। ऐसी स्थिति मे उद्याेग पलायन कर जाएंगे।
दामाेदर अग्रवाल, अध्यक्ष, टेक्सटाइल ट्रेड फैडरेशन
फ्यूल सरचार्ज त्रैमासिक जुलाई से सितंबर 2022 के बिजली उपभाेग पर आधारित है। इसकी ही राशि बढ़ाई हैं। अगली बार फिर त्रैमासिक फ्यूल सरचार्ज जोडेंगे।
एमएल मीणा, चीफ इंजीनियर, एवीवीएनएल



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