अजमेर ब्यूरो रिपोर्ट।
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप(एसओजी) ने ग्रेड सेकेंड शिक्षक(सीनियर टीचर) भर्ती पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एसओजी ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के मेंबर बाबूलाल कटारा को अजमेर से गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही उसके भांजे विजय कटारा और ड्राइवर गोपाल सिंह को भी गिरफ्तार किया है।
एसओजी के एसपी विकास सांगवान ने बताया- कटारा सहित तीन को गिरफ्तार किया है। घरों की तलाशी ली गई है। फिलहाल उन्हें जयपुर ले जाया जा रहा है। वहां पूछताछ की जाएगी कि कैसे एग्जाम के पेपर शेर सिंह मीणा तक पहुंचाए गए।
आरपीएससी मेंबर से चार साल पहले दोस्ती की
कुछ दिन पहले ही भूपेंद्र सारण को पेपर बेचने वाला शेर सिंह मीणा गिरफ्तार हुआ था। शेरसिंह मीणा ने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक करने के लिए आरपीएससी मेंबर बाबूलाल कटारा से संपर्क किया। उस समय बाबूलाल कटारा उदयपुर के आदिम जाति शोध संस्थान के निदेशक पद पर कार्यरत था।
शेरसिंह मीणा को पता था कि बाबूलाल कटारा आने वाले समय में आरपीएससी में प्रमोट होकर मेंबर बन सकता है। आरपीएससी में सेंध लगाने के लिए वह बाबूलाल कटारा से लगातार संपर्क में रहा। इस दौरान 15 अक्टूबर 2020 को बाबूलाल कटारा आरपीएससी का मेंबर बना। इसके बाद दोनों की नजदीकी और बढ़ गई।
ग्रेड सेकेंड परीक्षा की तैयारियों के समय कटारा के संपर्क में था
एसओजी सूत्रों के मुताबिक शेरसिंह मीणा ग्रेड सेकेंड भर्ती परीक्षा की तैयारियों के समय कटारा से लगातार संपर्क में रहा। इस दौरान वह भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने का प्रयास करता रहा और उसी की मदद से पेपर लीक कर बेचा।
कौन है बाबूलाल कटारा?
डूंगरपुर के बाबूलाल कटारा ने 15 अक्टूबर 2020 में राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के मेंबर का कार्यभार संभाला था। बाबूलाल कटारा का चयन राजस्थान लोक सेवा आयोग के सांख्यिकी अधिकारी, आयोजना विभाग के पद पर हुआ था।
इसके बाद उसने जिला सांख्यिकी अधिकारी डूंगरपुर और बाड़मेर में काम किया था। 1994 से 2005 तक भीम, राजसमंद, खैरवाडा, डूंगरपुर, सागवाडा, सुमेरपुर और उदयपुर में काम किया। वर्ष 2013 में सचिवालय में आयोजना विभाग संयुक्त निदेशक रहा। वे उदयपुर आदिम जाति शोध संस्थान निदेशक के पद पर भी रहा। इसके बाद आरपीएससी के मेंबर के रूप में सरकार ने नियुक्ति दी।
एक आरोपी के पिता पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल
बाबूलाल कटारा के भांजे विजय डामोर के पिता ललित डामोर डूंगरपुर पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल है। फिलहाल विजय के पिता पुलिस लाइन में चालानी गार्ड के पद पर तैनात है। वहीं बेटे की गिरफ्तारी का पता भी उनको कोर्ट में साथी पुलिसकर्मियों ने दी थी। पिता भी बेटे की इस हरकत से अचंभित थे। वागदरी में विजय का घर बना हुआ है। जिसे सालभर पहले ही बनाया है। घर के आंगन में शादी का मंडप सजा हुआ था। 2 महीने पहले ही 22 फरवरी को विजय की शादी हुई है।
पिता बोले - शादी के बाद से वह मेरे संपर्क में नहीं था
ललित डामोर ने बताया- 2 महीने पहले बेटे की शादी के बाद वह उनके संपर्क में नहीं था। डेढ़ महीने से वह घर भी नहीं आया था। उन्होंने कहा- बेटे का पेपर लीक में नाम आने को लेकर कुछ नहीं जानते हैं। बाबूलाल कटारा विजय के मामा है। इसलिए वह मामा के पास आता जाता रहता था। वह उनके कॉन्टैक्ट में ज्यादा था।
कटारा के घर के बाहर भाजपा का प्रदर्शन
आरपीएससी मेंबर बाबूलाल कटारा के सरकारी आवास के बाहर भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी के नेतत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। देवनानी ने कहा- भर्ती परीक्षा का पेपर जो लीक हुआ है। उसमें तार कितने ऊपर तक जुड़े हुए हैं। उसका आज खुलासा हुआ है।
देवनानी ने कहा- आरपीएससी से जुड़े सारे निर्णय बोर्ड की ओर से लिए जाते हैं। इसका मतलब कहीं न कहीं बोर्ड चेयरमैन और अन्य लोगों की भी भूमिका संदिग्ध लगती है। देवनानी ने मांग की है कि आरपीएससी चेयरमैन को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। साथ ही 2020 से लेकर के आज तक कितनी परीक्षा आरपीएससी की ओर से ली गई है। उन सभी की भी निष्पक्ष जांच उच्च स्तर पर या हाईकोर्ट के जज के स्तर पर की जानी चाहिए।


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