जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 

सुभाष चौक थाना पुलिस ने रामप्रसाद मीणा के सुसाइड करने के मामले में देर रात कैबिनेट मंत्री महेश जोशी सहित 8लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की हैं। यह शिकायत पुलिस ने रामप्रसाद मीणा के भाई महावीर मीणा की रिपोर्ट पर दर्ज की हैं। जिस में मृतक को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया हैं।

डीसीपी नॉर्थ शशि डोगरा ने बताया कि मृतक के भाई 339A राजामल का तालाब चांदी की टकसाल निवासी महावीर मीणा ने रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट में महावीर ने बताया कि उसके भाई ने मरने से पहले उसे बताया था कि मंदिर संचालक देवेन्द्र शर्मा, ललीत शर्मा व देवेन्द्र शर्मा का छोटा भाई होटल सेरेटन के मालिक राकेश टांक, गुनजी टांक व उनका साथी देव अवस्थी, लालचन्द देवनानी व उनका पुत्र हिमांशु देवनानी व हवामहल विधायक व कैबिनेट मंत्री महेश जोशी ने उसे बहुत परेशान कर रखा है। जान से मारने की धमकी दे रहे है की तुम इस मकान को खाली कर दो अन्यथा हमारे से बुरा कोई नही होगा और मेरे परिवार के लोगो को जाति सूचक गाली नीच, चमार कहते है और तुम्हारा मंदिर के पास में रहने का कोई अधिकारी नही है। हमने इस मकान का पट्टा 2017 में नगर निगम से लिया हुआ है इसके बावजूद हमारे मकान का हम निर्माण कर रहे है तो नगर निगम के द्वारा निगम का गार्ड आ जाता है या कभी नगर निगम की गाड़ी आ जाती है जो हमने नगर निगम में जाकर कहा की हमारे पास मकान का पट्टा है। इसके बावजूद हमे क्यों परेशान कर रहे हो हम तो हमारे पुस्तैनी मकान बना रहे है।

विजिलेंस अधिकारी नील कमल मीणा बोलो जोशी ने बोला हुआ हुआ है

महावीर ने एफआईआर ने बताया कि जब हम लोग नगर निगम बिजलेंस अधिकारी नील कमल मीणा के पास गए और उन्हे दस्तावेज दिखाए तो उन्होने कहा कि मेरे ऊपर महेश जोशी मंत्री का दबाव है की इसका काम रोका जाये। जिस पर हमारा पूरा परिवार 13 अप्रैल को सिविल लाईन स्थित महेश जोशी के घर गया, जहां पर महेश जोशी मंत्री ने उन्हे धमकाया की मेरे जो आदमी कह रहे है वो कहना मान लो और मकान का निर्माण अभी मत करना मरने से पहले मेरे भाई ने यह बताया कि मुझे बहुत परेशान कर रहे है मुझे मरवा सकते है और अपने को यहां से वेदखहल भी कर सकते है। इस जगह को यह लोग दबाब में लेकर लेना चाहते और बार- बार मुझे जान से मारने की धमकी दे रहे है।

एफआईआर में मंत्री का नाम फाइल जाएगी पुलिस मुख्यालय

सुभाष चौक थाना पुलिस ने बताया कि देर रात परिवार की ओर से दी गई शिकायत पर एफआईआर दर्ज की हैं। एफआईआर में 8लोग नामजद हैं। इन लोगों के खिलाफ धारा 306 IPC. 3(1) (R). 3 (2)(V) SC/ST Act में मामला दर्ज किया गया हैं। चूंकि रिपोर्ट में राज्य सरकार से विधायक का नाम है इस लिए PHQ व उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार अनुसंधान हेतु मूल रिपोर्ट CID (CB) को भिजवाई जावेगी।