जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।  

जयपुर में ओटीएस के पास झालाना एरिया में बने राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) का सोमवार शाम 7 बजे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोकार्पण किया। गहलोत ने राजस्थान को देश का नंबर वन राज्य बनाने का अपना विजन घोषित किया। सीएम ने कहा- हर किसी को अपना विजन लेकर चलना चाहिए और मैं मुख्यमंत्री रहूं या न रहूं, मेरा विजन है कि मैं 2030 तक राज्य को नंबर एक पर लेकर जाऊं।

गहलोत ने आरआईसी के उदघाटन मौके पर कहा कि एक समय था जब में अंग्रेजी का विरोधी था, लेकिन आज के आधुनिक युग में ये कितना जरूरी है ये अब पता चल रहा है। यही कारण है कि आज पूरे राज्य में इंग्लिश मीडियम स्कूल खोल रहे है। हमारी सरकार ने प्रदेश के 200 से ज्यादा बच्चों को विदेश में फ्री स्टडी की भी स्कीम इसी विजन के साथ जारी रखी है। एक समय था जब वडोदरा के महाराज ने अंग्रेजी पढ़ने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर को भेजा था और आज उन्हें पूरा देश और दुनिया जानती है।

साल 2013 में रखी थी प्रोजेक्ट की नींव

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक इस सेंटर की नींव गहलोत ने ही अपने पिछले कार्यकाल में अप्रैल 2013 रखी थी। सरकार बदलने के बाद इस प्रोजेक्ट का काम धीमा हो गया था। बाद में दोबारा सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट पर फिर से काम शुरू करवाया, जो इस महीने पूरा हुआ।


मंत्री धारीवाल ने भाजपा पर निशाना साधा

मुख्यमंत्री से पहले यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- जब भी कांग्रेस सरकार का कोई प्रोजेक्ट अधूरा रहता था, बीजेपी की सरकार आने पर उसे कभी पूरा नहीं करती। हमारी सरकार ने उनके समय अधूरे छोड़े गए सभी प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। धारीवाल ने कई प्रोजेक्ट का नाम लेते हुए बताया- ये प्रोजेक्ट बीजेपी के समय अधूरे रहे थे। इसे हमारी सरकार ने आने के बाद पूरा किया गया। धारीवाल ने बम्बाला पुलिया, खासाकोठी फ्लाईओवर, दुर्गापुर एलिवेटेड समेत कई प्रोजेक्ट के नाम लिए। धारीवाल ने कहा- हम जयपुर में सिग्नल फ्री चौराहे बना रहे हैं। काम चल रहा है। हमने आगे की भी प्लानिंग की है। प्रोजेक्ट शुरू कर रहे हैं, क्योंकि सरकार तो हमारी ही आनी है।

जेईसीसी का विकल्प तैयार
इस सेंटर को बनवाने का मुख्य उद्देश्य नेशनल-इंटरनेशनल लेवल के सेमिनार, वर्कशॉप, मीटिंग समेत अन्य कार्यों के लिए जगह उपलब्ध करवाना है। अभी तक जयपुर में कोई बड़े स्तर का सेमिनार कराना होता था तो सीतापुरा स्थित जेईसीसी ही था। अब विकल्प के तौर पर आरआईसी हो गया है। यहां भी बड़े स्तर के सेमिनार कराए जा सकते हैं। यहां 1700 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता के छोटे-बड़े 5 से ज्यादा सेमिनार हॉल बने हैं। इसके अलावा एक बड़ा रेस्टोरेंट, लाइब्रेरी और करीब 240 कारों की क्षमता वाली पार्किंग है।

140 करोड़ रुपए खर्च
झालाना में करीब 7.44 हेक्टेयर जमीन पर बने इस सेंटर को दो फेज में बनाया गया। पहले फेज में इसका 5 मंजिला (बेसमेंट पार्किंग, अण्डरग्राउण्ड फ्लोर, ग्राउण्ड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर और सेकेंड फ्लोर) स्ट्रक्चर बनाया गया। स्ट्रक्चर बनने के बाद साल 2021 से इसकी फिनिशिंग का काम सेकेंड फेज में करवाया गया। इस पूरे निर्माण पर जेडीए ने 140 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।