जोधपुर ब्यूरो रिपोर्ट।   

देशभर में फसलों का समर्थन मूल्य तय करने के लिए संघर्ष कई सालों से होता आया है। अब इसी समर्थन मूल्य को तय करने के लिए महत्वपूर्ण समिति में जोधपुर के वरिष्ठ किसान और जैविक खेती के क्षेत्र में अपना नाम कर चुके रतन लाल डागा भी शामिल होंगे।जिले के भेंसेर कुतडी निवासी गौ आधारित जैविक कृषि के विशेषज्ञ, कृषि स्नातक, प्रगतिशील किसान, भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य रतनलाल डागा कृषि मूल्य व लागत आयोग (CACP) के सदस्य नियुक्त हुए है।

डागा को कैबिनेट कमेटी की अनुशंसा पर कार्मिक विभाग के अनुमत के उपरांत कृषि व किसान कल्याण विभाग द्वारा आगामी तीन वर्ष हेतु आयोग के गैर सरकारी सदस्य के रूप में संविदा पर नियुक्ति दी गई है।डागा को नियुक्ति पत्र जारी होने से एक माह के अंदर कृषि मूल्य व लागत आयोग के सदस्य (गैर सरकारी) के रूप में पदभार ग्रहण करना होगा।

कृषि मूल्य व लागत आयोग (CACP) देशभर में समर्थन मूल्य पर अधिसूचित फसलों की लागत निर्धारित कर सरकार को समर्थन मूल्य घोषित करने हेतु सिफारिश करती है। इस आयोग में अध्यक्ष, सदस्य सचिव व एक सरकारी सदस्य व दो गैर सरकारी सदस्य होते है।

आयोग के गैर सरकारी सदस्यों की जगह लंबे समय से रिक्त थी। जिसमें अभी रतनलाल डागा की नियुक्ति हुई है।

45 साल पहले एग्रीकल्चर में ग्रेजुएशन

रतनलाल डागा ने 1978 में कृषि स्नातक की शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात स्वयं कृषि कार्य शुरू किया। इस दौरान इन्होने जिला, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर उन्नत फसल पैदावार व खेती में नवाचार हेतु कई पुरस्कार प्राप्त किए।

डागा को गत वर्ष जैविक कृषि के स्नातक शिक्षा हेतु पाठ्यक्रम निर्माण कमेटी में भी शामिल किया था। उन्हे आईसीएआर की ओर से जैविक कृषि में उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रति वर्ष दिए जाने वाले पुरस्कार के तहत वर्ष 2022 का प्रथम पुरस्कार दिया गया था।डागा इससे पूर्व में भी राष्ट्रीय मसाला बोर्ड, कृषि विश्विद्यालय जोधपुर, राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान (NIAM) जयपुर सहित देश प्रदेश के कृषि अनुसंधान व विकास से जुड़े हुए विभिन्न बोर्डो, संस्थानों के सदस्य रहे है।

रतनलाल डागा के कृषि मूल्य व लागत आयोग के सदस्य नियुक्त होने पर किसानो को फसलों का सही समर्थन मूल्य निर्धारित नहीं होने की शिकायतों व नई फसलों को समर्थन मूल्य हेतु अधिसूचित करने की मांग सीधे तौर पर आयोग में पहुंचने की उम्मीद है।