जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान में 1.10 लाख से ज्यादा संविदा कर्मचारियों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का एलान कर दिया है। कर्मचारियों के नियमितिकरण के रूल्स में बदलाव नहीं करने के विरोध में ये कर्मचारी 10 अप्रैल से बड़ा आंदोलन करेंगे। संयुक्त संविदा मुक्ति मोर्चा के बैनरतले ये आंदोलन शुरू होगा, जिसकी रूपरेखा आज तय की गई।
संयुक्त संविदा मुक्ति मोर्चा, राजस्थान के प्रदेश महासचिव रामस्वरूप टांक ने आज मीडिया से बात करते हुए बताया कि सरकार ने प्रदेश में 1 लाख 10 हजार से ज्यादा संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के लिए जो राजस्थान कांट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स 2022 बनाए है उसमें सरकार ने कर्मचारियों का वर्किंग एक्सपीरीयंस (अनुभव) की गणना वास्तविक रूप से 1-1 न मानकर आईएएस पैटर्न के अनुसार 3-1 के फार्मूला से कर रही है। इस निर्णय से पूरे प्रदेश में मुश्किल से 10 हजार संविदा कर्मचारी का भी नियमितिकरण नहीं हो पाएगा। जबकि शेष एक लाख संविदाकर्मी नियमित होने से वंचित हो जाएंगे।
उन्होंने बताया कि पिछले कई महीनों से लगातार सक्रिय रहकर मुख्यमंत्री, प्रदेश के अलग-अलग मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों को जगह-जगह ज्ञापन देकर नियमितीकरण के इस नियम को बदलने की मांग कर चुके है, लेकिन सरकार की तरफ से हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही। इससे कर्मचारियों में खासी नाराजगी है और अब सभी ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करने का फैसला किया है।
10 अप्रैल को निकाली जाएगी रैली
मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष नरेन्द्र चौधरी ने बताया कि अब सभी कर्मचारी अपनी इस मांग को पूरा करवाने के लिए राज्य स्तर पर बड़ा आंदोलन करेंगे। इसके लिए 10 अप्रैल को प्रत्येक संभाग मुख्यालय पर चेतावनी रैली निकाली जाएगी। इसके बाद 25 अप्रैल को जयपुर में बड़ा पैदल मार्च निकाला जाएगा, जो जयपुर शहर से 40 KM दूर से शुरू होगा और शहीद स्मारक तक आएगा। इस पैदल मार्च को "अधिकार पैदल मार्च’ नाम दिया है। इसके बाद सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन महाआंदोलन शुरू किया जाएगा।


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