चित्तौड़गढ़ - गोपाल चतुर्वेदी
राज्य सरकार जहां सरकारी विभागों में ठेका प्रथा को समाप्त करने की ओर कदम बढ़ा रही है वही चित्तौड़गढ़ जिला राजकीय चिकित्सालय में कार्यरत विभिन्न पदों पर कार्यरत ठेका कर्मीयों को सरकारी नियमों को दरकिनार करके अल्प वेतन दिया जा रहा है। जिसका भुगतान भी ठेकेदार की ओर से समय पर नहीं दिया जा रहा है। इसी को लेकर आज चिकित्सालय में कार्यरत ठेका कर्मियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह जाड़ावत से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का निराकरण की मांग की।
जानकारी में सामने आया है कि चित्तौड़गढ़ जिले के सबसे बड़े जिला राजकीय श्री सांवलियाजी चिकित्सालय और महिला एवं बाल चिकित्सालय में ट्रॉली मैन, गार्ड, गनमैन, कंप्यूटर कर्मी, लैब में कार्यरत कर्मचारीयों सहित अधिकांश कर्मचारी ठेका पद्धति से लगे हुए हैं जिन्हें सरकार की ओर से तय की किए गए वेतनमान के आदेशों को दरकिनार करते हुए प्रतिदिन करीब डेढ़ सौ रुपए वेतन दिया जा रहा है। जिसका भुगतान भी समय पर नहीं किया जा रहा है। ठेका कर्मियों का पिछले 3 महीनों से भुगतान बकाया चल रहा है। इसी को लेकर बुधवार को सभी ठेका कर्मियों ने राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह जाड़ावत से मुलाकात कर अपनी परेशानियों से उन्हें अवगत कराया। जिस पर राज्यमंत्री जाड़ावत ने ठेकेदार को सभी ठेका कर्मियों का बकाया वेतन दिलाने के लिए निर्देशित किया है। जानकारी में यह भी सामने आया है कि सत्ता बदलने के साथ ठेकेदार तो बदलते हैं लेकिन ठेका कर्मियों की किस्मत नही बदलती और चिकित्सालय में यह परंपरा पिछले कई वर्षों से अनवरत जारी है। ठेके पर कार्य कर रहे ठेका कर्मी लगातार इसी वेतनमान में विगत कई वर्षों से कार्य कर रहे हैं जिनकी तरफ से समय समय पर वेतन वृद्धि की मांग की जाती है लेकिन उन्हें आश्वासन के सिवाय कुछ और नहीं मिलता।

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