जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।  

सचिन पायलट समर्थक विधायक इंद्राज गुर्जर और गुर्जर नेता विजय बैंसला के बीच एमबीसी आरक्षण को लेकर ट्विटर पर वार-पलटवार शुरू हो गया है। पायलट समर्थक विधायक इंद्राज गुर्जर ने सीएम अशोक गहलोत को चिट्ठी लिखकर रीट भर्ती 2018 के 327 पदों पर नियुक्ति देने के समझौते की पालना नहीं करने पर सवाल उठाए। इंद्राज की चिट्ठी पर कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के बेटे और गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के नेता विजय बैंसला ने तल्ख कमेंट किए। इस पर इंद्राज गुर्जर और उनके समर्थकों ने बैंसला पर पलटवार किया है।

बैंसला का तंज-सरकार खुद को ही चिट्ठी लिखे और पढ़े

विधायक की सीएम को लिखी चिट्ठी पर तंज कसते हुए विजय बैंसला ने लिखा- इंद्राज गुर्जर देर आए दुरुस्त आए। सरकार भी आपकी, समझौता भी सरकार का, चिट्ठी भी आपकी, समाज भी आपका। हैरतअंगेज है कि सरकार को सरकार के लिए चिट्ठी लिखनी पड़ रही है-स्तब्ध हैं कि सरकार खुद ही चिट्ठी भी लिखे और खुद ही बांचे भी। उम्मीद है केवल चिट्ठी ही नहीं आप नौकरी भी दिलवाएंगे।


इंद्राज का पलटवार- समझौते में विधायकों को क्यों नहीं बुलाया?

विजय बैंसला के कमेंट पर इंद्राज गुर्जर ने पलटवार किया। इंद्राज ने लिखा- सरकार से समझौता आपने किया। उस समय तो आप समाज के विधायकों को समझौता समिति में नहीं बुलाते और जब युवा आपसे समझौता लागू करवाने की बात करते हैं तो आप उनको समाज के विधायकों के पास जाने के लिए बोलते हो। यह दोहरी बात नहीं चलेगी। मैं हमेशा समाज के हक, आवाज उठाता रहा हूं और उठाता रहूंगा।

इंद्राज गुर्जर ने सीएम को लिखी चिट्ठी
इंद्राज गुर्जर ने सीएम अशोक गहलोत को चिट्ठी लिखकर दिसंबर 2022 में हुए समझौते के अनुसार रीट 2018 के 327 पदों पर एमबीसी कैंडिडेट्स को नियुक्ति देने की मांग की है।

इंद्राज गुर्जर ने चिट्ठी में लिखा- खेल मंत्री अशोक चांदना, देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष जोगिंदर सिंह अवाना और गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला के बीच में वार्ता के बाद दिसम्बर 2022 में एमबीसी भर्तियों के संबंध मे एक हाई पावर कमेटी गठित की गई थी। इससे प्रक्रियाधीन रीट भर्ती 2018 के 372 पदों पर नियुक्ति को लेकर महीने भर में रिपोर्ट देने और इन भर्तियों में नियुक्तियां देने पर एक बार फिर समझौता हुआ था, जिसकी पालना अभी तक नहीं हुई।

इंद्राज ने आगे लिखा- इससे पहले अशोक चांदना, रघु शर्मा की मौजूदगी में 31 अक्टूबर 2020 को संघर्ष समिति और राजस्थान सरकार के बीच समझौता हुआ था। इसमें भी प्रक्रियाधीन रीट भर्ती 2018 के शेष 4 प्रतिशत 372 पद सृजित हुए, इन्हें सात दिन में नियुक्ति देने का समझौता हुआ। उस समझौते की भी पालना अभी तक नहीं हुई। एमबीसी वर्ग के युवाओं को समझौते के हिसाब से नौकरी दें।

विधायक समर्थक बोले- समाज के ठेकेदार बनकर घूमने वाले माफी मांगे
विधायक के समर्थकों ने भी विजय बैंसला पर निशाना साधते हुए तल्ख कमेंट किए हैं। मोनित पंवार ने लिखा- समझौता तो आपने ही किया था बैंसला जी। फिर भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इसके लिए आपको और आपकी चंडाल चौकड़ी के साथ साथ उन मंत्री संतरी सबको माफी मांगनी चाहिए, जो समाज के ठेकेदार बने घूम रहे थे। आपका काम वसुंधरा और गहलोत की गुलामी तक ही सीमित है।

सरकार के पदाधिकारियों से बैक डोर से आप ही मिलते हो
रवि गुर्जर ने लिखा- समझौता तो आपने किया था विजय बैंसला जी। सरकार के साथ आप ही बैठे थे। चार-चार दिन तक चाय-समोसा भी आपने ही खाए थे तो इन को इतना दोष क्यों? दोषी आप भी हो। सरकार के पदाधिकारियों से बैक डोर से आप ही मिलते हो। सही कहा न।

यह बात मंत्रियों से बोलते
संग्राम गुर्जर ने लिखा- अच्छा होता विजय जी आप यह बात अशोक चांदना, जोगिंदर सिंह अवाना और गुर्जर नेताओं को बोलते।

कुलदीप धाभाई ने लिखा- देखते हैं विधायक साहब की चिट्ठी क्या काम आती है? यह चिट्ठी नौकरी दिलाती है या केवल चिट्ठी ही रह जाती है!

रामलाल मुंडोता ने लिखा- आप भी तो चुप बैठे हो जनाब। पहले तो राहुल गांधी को रोकने की मांग कर रहे थे या वास्तव में समाज की चिंता है। राजनीति ज्यादा लगती है।

पप्पू लाल गुर्जर ने लिखा- समझौते वाले मंत्री महोदय और नेतागण कहां है? इसका भी कुछ स्पष्टीकरण आप कर देते तो समाज में अच्छा संदेश जाता। गुर्जर समाज किरोड़ी सिंह बैंसला के नेतृत्व वाला समाज है। कौन अपना और कौन गैर है सब समझता है।

सुरेंद्र ने लिखा- चार दिन समझौता आपने किया समाज का ठेकेदार बनकर। केवल चाय नाश्ते में निपट गए या फिर कुछ समझौता पर भी कार्रवाई करवाओगे।आजकल समझौते वाले समाज के ठेकेदार केवल अपनी राजनीति के लिए समाज को इस्तेमाल कर रहे हैं। दम है तो जो समझौता करवाकर आए थे उसे लागू करवाओ वरना ट्विटर पर ज्ञान मत दो।