हनुमानगढ- विश्वास कुमार 
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार व संजीव मागो, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) के मार्गदर्शन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सेंशन न्यायाधीश) धनपत माली द्वारा राजकीय सावित्री बाई फुले महाविद्यालय छात्रावास का निरीक्षण किया गया तथा निरीक्षण के पश्चात् छात्रावास में उपस्थित छात्राओं को बाल-विवाह निषेध अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह करना या करवाना दण्डनीय अपराध है। कम उम्र की कन्याओं का विवाह होने या करवाने से बालिकाओं के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है। कम उम्र में बच्ची के मां बनने से उसका शारीरिक और मानसिक विकास नही होता है, जिससें उसके शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसके अतिरिक्त छात्राओं को बताया कि मानव प्राणी को शारिरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहना चाहिए, स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिक का निवास होता है, हमें प्रतिदिन व्यायाम व योग करना चाहिए ताकि हमारा शरीर स्वस्थ रहे यदि हमारा शरीर स्वस्थ होगा तो हम शरीरिक व मानसिक परेशानियों से बच सकते है। इसके अलावा उन्हें बताया कि यदि उनके आस-पास अथवा उनकी जानकारी में बाल विवाह होने की जानकारी उन्हें प्राप्त होती है तो उसकी सूचना नजदीकी पुलिस थाना, उपखण्ड अधिकारी व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में दी जा सकती है।