कोटा ब्यूरो रिपोर्ट।   

कोई भी पात्र व्यक्ति अपने आवास व भूखंड का पट्टा प्राप्त करने से वंचित ना रहे। दस्तावेज नहीं होने पर ऑप्शनल दस्तावेजों का सत्यापन कर आवेदक को पट्टा दिया जाए। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत आयोजित संभाग स्तरीय कार्यशाला के दौरान विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी सचेत रहकर अभियान के तहत सरकार द्वारा दी जा रही पट्टा बनाने की सरलीकरण की पहल का ज्यादा से ज्यादा फायदा आमजन को दिलवाने की अपील की और कहा कि 10 लाख के लक्ष्य से आगे निकल कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को पट्टे प्रदान किए जाएं।

यूआईटी ऑडिटोरियम में आयोजित सेमिनार में संभाग भर से पालिका परिषद और कोटा नगर निगम के जनप्रतिनिधि अधिकारी शामिल हुए जिनको यूडीएच विभाग सहित अन्य पट्टा प्रदान करने वाले विभागों के उच्च अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा सरकार के अभियान के तहत उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों के बारे में जानकारी दी गई। मंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति पट्टों के लिए परेशान नहीं होगा। अगर वह भूखंड या मकान उसका है और वहां रहता आया है तो सरकार के मांगे गए डॉक्यूमेंट में से कोई नही हो तो उसके ऑप्शनल डॉक्यूमेंट के सत्यापन कर पट्टे जारी किए जाए।

उसके पास उस जगह का कोई एक डॉक्यूमेंट तो होना चाहिए और जगह प्रतिबंधित नही होनी चाहिए। उन्होंने नगर निगम अथवा निकायों में पुरानी पत्रावली को गायब होने को गंभीरता से लेते हुए आवेदक से नये दस्तावेज लेकर स्व प्रेरणा से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 2013 से पहले सिवायचक भूमि पर बसे आबादी क्षेत्र को नगर निकाय के खाते में दर्ज कर पट्टा वितरण करें, 2021 से पूर्व कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों में नियमानुसार निर्माण होने पर 90-ए के तहत पट्टा वितरण करना सुनिश्चित करें।

कार्यशाला में उपस्थित हुए जनप्रतिनिधियों ने अपने अपने क्षेत्र में पट्टे को लेकर आ रही परेशानियों के बारे में भी मंत्री शांति धारीवाल को बताया जिस पर उन्होंने अधिकारियों को अभियान के तहत दी गई सरलता के तहत नियमानुसार पट्टा प्रदान करने के निर्देश दिए। कार्यशाला मैं यूडीएच विभाग के प्रमुख सलाहकार जीएस संधू ने अपने संबोधन में नए नियमों के तहत दी जा रही सुविधाओं , रियायतों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और आमजन को अभियान का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके इसके लिए जागरूकता के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से कार्य किए जाने की अपील की।