कोटा ब्यूरो रिपोर्ट।  

राइट टू हेल्थ का विरोध करने वाले डॉक्टर्स के खिलाफ कांग्रेसियों ने मोर्चा खोल दिया है। विपिन बरथुनिया की अगुवाई में RTH बिल के समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लाडपुरा पंचायत समिति से कलेक्ट्री तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया। फिर मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर RTH बिल लागू करने की मांग की।

विपिन बरथुनिया ने कहा- ये लड़ाई अमीर हॉस्पिटल व गरीबों के बीच आ गई है। डॉक्टरों की मांगी अनुचित है। निजी हॉस्पिटल हठधर्मिता कर गरीबों का इलाज करने से मना कर रहे हैं। पहले तो चिरंजीवी योजना इलाज कर रहे थे। अब एकदम क्यों बंद कर दिया। ऐसा लग रहा है डॉक्टरों को भड़काया जा रहा है। कुछ अमीर लोग है जो प्राइवेट हॉस्पिटल्स को भड़काकर आंदोलन कर रहे हैं। छोटे हॉस्पिटल वाले आंदोलन नहीं करना चाहते।

प्राइवेट हॉस्पिटल के गेट पर एक भी मरीज की इलाज के अभाव में मौत होती है तो कांग्रेसी कार्यकर्ता ईट से ईट बजा देगा। उनको घर में नहीं घुसने देंगे। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाएंगे। अभी हम इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में भी ज्ञापन देंगे। निजी हॉस्पिटल में काम करने वाले स्टाफ के वेतन व पीएफ की जानकारी मांगेंगे। इससे पता लगेगा निजी हॉस्पिटल वाले स्टाफ को कितना पैसा देते है। साथ ही संपति की जांच की मांग भी करेंगे।

डॉक्टर भी हड़ताल में शामिल होते है तो उनकी डिग्री निरस्त की जानी चाहिए। चिकित्सा अनिवार्य सेवा में आती है। ये हड़ताल कैसे कर सकते है? इन पर रासुका लगानी चाहिए। हम अशोक गहलोत, शांति धारीवाल के साथ हैं। अगर डॉक्टर्स नहीं माने तो हमारा आंदोलन आगे चलता रहेगा।