जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
जयपुर के ग्रेटर व हेरिटेज नगर निगम सहित सरकारी विभागों पर बिजली बिल के 2150 करोड़ रुपए बकाया है। दोनों निगम के 251.84 करोड़ रुपए नहीं चुकाने पर डिस्कॉम सख्त रवैया अपनाने की तैयारी कर ली है। इसको लेकर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता व एक्सईएन की टीम ने निगम आयुक्तों के साथ ही डीएलबी के अधिकारियों से भी बात की है। दो दिन में बकाया राशि जमा नहीं होने की नियमानुसार कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
डिस्कॉम ने बिल जमा नहीं करवाने पर अलवर नगर परिषद और चौमूं नगर पालिकाओं के कनेक्शन पिछले दिनों काट दिए थे। इससे इन शहर व कस्बों में रोड लाइन नहीं जलने से तीन दिन अंधेरा रहा। इसके बाद दोनों ही जिलों के कलेक्टर की बीच बचाव के बाद बिजली कनेक्शन जोड़े गए। इसके बावजूद भी जयपुर के ग्रेटर व हेरिटेज नगर निगम सबक नहीं ले रहे हैं।
जयपुर के दोनों नगर निगम पर बिजली बिल के 251.84 करोड़ रुपए बकाया है। बकाया बिल जमा नहीं करवाने से डिस्कॉम के इंजीनियरों व कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही बिजली सिस्टम में सुधार के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
जयपुर, जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम के लिए सरकारी विभाग ही मुसीबत बन गए। निगम, नगर पालिका, नगर परिषद, जलदाय विभाग, पुलिस, जनता जल योजना, पंचायती राज सहित अन्य विभाग तीनों डिस्कॉम को बिल के 2150 करोड़ के बकाया बिल नहीं चुका रहे है।
इन विभागों पर सबसे ज्यादा बकाया बिल
नगरीय निकाय - 1464 करोड़
जलदाय विभाग - 280 करोड़
पंचायत राज - 296 करोड़
अन्य विभाग - 110 करोड़
निगम से 1 साल में नहीं वसूला
जयपुर डिस्कॉम के सिटी सर्किल (जेसीसी) के इंजीनियरों की लापरवाही के कारण नगर निगम अब बिजली बिल जमा करवाने में आनाकानी कर रहा है। जयपुर डिस्कॉम के हेरिटेज व ग्रेटर नगर निगम पर 251.84 करोड़ रुपए बकाया है। इसमें से 120.61 करोड़ रुपए तो पिछले साल के बकाया है। वहीं इस साल के बिजली बिल के 131.22 करोड रुपए बकाया है। लेकिन सालभर डिस्कॉम के सिटी सर्किल के इंजीनियरों ने कोई कोशिश ही नहीं की।


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