जैसलमेर ब्यूरो रिपोर्ट।
धरती पर तेजी से लुप्त हो रहे शेड्यूल फ़र्स्ट के वन्य जीव प्राणी द ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोडावण) को बचाने के लिए राज्य सरकार ने पहल की है। जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क इलाके में स्थित चार गांवों की 15878 बीघा राजस्व जमीन को राज्य सरकार ने वन्य जीवों के संरक्षण के लिए वन विभाग को निशुल्क आवंटित किया है। इससे डेजर्ट नेशनल पार्क में गोडावण के नए क्लोजर बनाए जा सकेंगे व गोडावण की सुरक्षा व संरक्षण के साथ ब्रीडिंग के लिए और भी बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
जमीन आवंटन की पुष्टि करते हुए डेजर्ट नेशनल पार्क के उपवन संरक्षक आशीष व्यास ने बताया कि गोडावण संरक्षण व गोडावण ब्रीडिंग के नए संसाधनों के लिए उन्होंने राज्य सरकार को प्रस्ताव भिजवाया था। राजस्थान सरकार को नई जमीन के एलोटमेन्ट के लिए प्रस्ताव पिछले 13 दिसम्बर को भिजवाए थे। विभाग के प्रस्ताव में गोडावण संरक्षण को लेकर और भी जमीन की आवश्यकता को बताया गया था। इस प्रस्ताव राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क के सम तहसील के राजस्व का जामड़ा, बीदा, चैहानी व बरना के कुल 183 खसरा नंबरों की कुल 15878.12 बीघा जमीन को सरकार ने धारा 102 के तहत गोडावण और अन्य वन्य जीवों के संरक्षण के लिए वन विभाग को निशुल्क आवंटन करने की राजकीय स्वीकृति प्रदान की
वन विभाग के क्लोजर के पास ही नई जमीन
आशीष व्यास ने बताया कि ये 15878 राजस्व बीघा जमीन डेजर्ट नेशनल पार्क के पहले से बने हुए उन क्लोजरों की जमीन के पास हैं जो कि पहले से ही वन विभाग के पास में है। अब नई जमीन वन विभाग को मिलने से इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे। इसके साथ ही गोडावण संरक्षण के नए और क्लोजर बन सकेंगे। इससे गोडावण संरक्षण के प्रयासों में और मजबूती आएगी। गोडावण आजादी से ब्रीडिंग कर सकेगा और इसकी जनसंख्या में भी और इजाफा हो सकेगा।


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