जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
देवस्थान मंत्री शकुन्तला रावत ने विधानसभा में कहा कि जिला कलक्टर की कमेटी से प्रस्ताव प्राप्त होने तथा वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर ही चौमूं विधानसभा क्षेत्र के धार्मिक स्थलों को विकसित करने के संबंध में कोई उचित निर्णय लिया जा सकेगा। देवस्थान मंत्री प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में सदस्य द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रही थीं। उन्होंने कहा कि सामोद स्थित वीर हनुमान मंदिर तथा महारकलां के मालेश्वर नाथ मंदिर प्रन्यास अधिनियम 1969 के तहत पंजीकृत हैं। उन्होंने कह कि अराजकीय मंदिरों का विकास जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर वित्त विभाग से आवश्यक वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होने के बाद किया जाता है। इससे पहले विधायक रामलाल शर्मा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में देवस्थान मंत्री ने अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर बजट में धार्मिक स्थलों को विकसित करने की घोषणा की गई है। विगत तीन वर्षों में जयपुर जिले से संबंधित कोई घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा क्षेत्र चौमूं के धार्मिक स्थलों को विकसित करने की कोई घोषणा विभाग के समक्ष विचाराधीन नहीं है।

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