हनुमानगढ- विश्वास कुमार
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी एक्शन प्लान के अनुसार माह फरवरी 2023 में सामाजिक बुराईयों से मुक्त राष्ट्र निर्माण अभियान संचालित किया गया है। जिसके क्रम आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा
विश्व सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर हनुमानगढ़ जिला कारागृह, राजकीय सम्प्रेषण गृह एंव में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संदीप कौर द्वारा रालसा द्वारा जारी एक्शन प्लान के बारे में अवगत करवाते हुए बताया कि आज विश्व सामाजिक न्याय दिवस है,विश्व सामाजिक न्याय दिवस क्यों मनाया जाता है,सामाजिक न्याय की अवधारणा व इसकी महत्वता के बारे में बताया गया तथा बताया कि मुख्य अवधारणा सामाजिक न्याय है जो कि सभी के लिए समान है तथा सभी को बिना किसी भेदभाव के समान अधिकार व अवसर प्राप्त हो युवाओं को सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और लिंग,आयु, नस्ल, जातीयता,धर्म,संस्कृति या अक्षमता के संबंध में बाधाओं को दूर करने के लिए जागरूक किया गया। तथा जिला कारागृह का निरीक्षण कर उपस्थित बंदीजनों को सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली में विचाराधीन प्रकरण SMWP (CRIMINAL) No. 4/2021 In re Policy Strategy for Grant of Bail & SLP (Crl) No. 529/2021 में पारित आदेश में दिये गये निर्देशों जिसमें जमानत प्राप्त हो चुके बंदीयों को जमानत तस्दीक करवाने में आने वाली समस्याओं को सुना गया व उसके निराकरण हेतु मौके पर ही प्रभारी अधिकारी जिला कारागृह को निर्देशित किया गया तथा निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में बताया गया व पैरवी हेतु अविधवक्ता की आवश्यकता वाले बंदीजन को चिन्हित किया गया। तत्पश्चात राजकीय सम्प्रेषण गृह,हनुमानगढ़ का निरीक्षण किया गया व उसमें उपस्थित किशोर बंदियों को विश्व सामाजिक न्याय दिवस के बारे में विस्तारपूर्वक बताया जाकर उन्हें सम्प्रेषण गृह में मिलने वाली भोजन आदि की समस्याओं को सुना गया व मौके पर सम्प्रेषण प्रभारी को उचित दिशा निर्देश दिये गये।इसी क्रम मे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, खुन्जा,हनुमानगढ़ में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संदीप कौर द्वारा कहा गया की समाज के कमजोर वर्ग, बालकों व महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए युवाओं को सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और लिंग, आयु, नस्ल, जातीयता, धर्म, संस्कृति या अक्षमता के संबंध में बाधाओं को दूर करने के लिए जागरूक किया गया। इसके अलावा बच्चों को बाल-विवाह, कन्या भू्रण हत्या, दहेज प्रथा की रोकथाम, शिक्षा के अधिकार एवं पॉक्सो एक्ट अधिनियम के बारे में बताया गया कि जिसके अंतर्गत बच्चों के प्रति होने वाले यौन-शोषण पर प्रभावी अंकुश लगाने एवं बच्चों को यौन-शोषण, यौन उत्पीड़न एवं पोर्नोग्राफी के विरुद्ध संरक्षण हेतु प्रभावी प्रावधान किए गए है, इसके अलावा विद्यालय का निरीक्षण किया जाकर विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया गया।

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