चित्तौड़गढ़ - गोपाल चतुर्वेदी
चित्तौड़गढ़ के शहरी क्षेत्र में जिला परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की लापरवाही कहे या अनदेखी या फिर मिलीभगत जिसके चलते कृषि कार्य में आने वाले ट्रैक्टर ट्रॉली ओवरलोड खंडे, गिट्टी और बजरी भरकर बिना व्यवसायिक परमिट, बिना वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर और ड्राइवर भी बिना लाइसेंस के अवैध रूप से सरपट दौड़ रहे हैं, शहरी क्षेत्र मे इन ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉलीयों में से खंडे गिरने से कई बार दुर्घटनाएं भी घटित हुई है जिसमे कुछ लोगों की मौत भी हो चुकी है, लेकिन फिर भी अभी तक दोनों ही विभाग इन अवैध वाहनों पर राजनैतिक दबाव के चलते कार्यवाही करने से बच रहे है।
जानकारी के अनुसार चित्तौड़गढ़ मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर चित्तौड़गढ़ - कोटा मार्ग पर मानपुरा क्षेत्र में संचालित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र से खनिज व्यवसायियों द्वारा रोजाना अवैध तरीके से कृषि कार्य में आने वाले ट्रैक्टर ट्रॉलीयों का धड़ल्ले से व्यवसायिक कार्य किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन 100 से अधिक अवैध ट्रैक्टर ट्रॉली ओवरलोड खंडे और गिट्टी भरकर शहरी क्षेत्रों में सरपट मौत बन कर दौड़ रहे है, वही मानपुरा औद्योगिक क्षेत्र से भरकर निकलने वाले इन ट्रैक्टर ट्रॉलीयों का कहीं पर भी वजन करवाने के लिए कांटा लगा हुआ नहीं है, जिसमें क्रेशर मालिक और खनिज व्यवसाय करने वाले लोग खंडे और गिट्टी मंगवाने वाले उपभोक्ताओं की जेब को भी बड़ा चूना लगा रहे है।
जानकारी में सामने आया है कि यातायात पुलिस और जिला परिवहन विभाग के अधिकारियों को कई बार इन अवैध रूप से संचालित हो रहे ट्रैक्टर ट्रॉलियो लिए अवगत करवाया गया है लेकिन शायद राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव के चलते दोनों ही विभाग इन अवैध वाहनों पर कार्यवाही करने से अपने आप को बचाने में लगे हैं, वही जानकारी में यह भी सामने आया है कि इन ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली से खंडे गिरकर शहरी क्षेत्र में कई बार हादसे भी घटित हो चुके हैं जिसमें कुछ लोगों की जान भी जा चुकी है लेकिन फिर भी दोनों ही विभागों के अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं या फिर यह खनिज और क्रेशर मालिकों के साथ मिलीभगत है इसलिए इन अवैध वाहनों पर कार्यवाही नही हो पा रही है।
इसके बारे में जानकारी देते हुए यातायात प्रभारी सुरेश चंद्र ने बताया कि यातायात पुलिस समय-समय पर बिना नंबर के वाहनों पर कार्रवाई करती है लेकिन अभी तक उन्होंने ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली वाहनों के ऊपर कार्रवाई नहीं की है वही एक ट्रैक्टर चालक ने कैमरे के सामने स्वीकार किया है कि ट्रैक्टर और ट्रॉली का व्यवसायिक परमिट नहीं लिया हुआ है वहीं उन्होंने भरे हुए माल का वजन भी नहीं करवाया है सिर्फ खनिज विभाग के ठेकेदार से मनमर्जी की रॉयल्टी कटवाई है जिसकी भरपाई उपभोक्ता की जेब से की जाएगी

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