जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
जन अभाव अभियोग निराकरण राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने विधानसभा में आश्वस्त किया कि लोकसेवाओं की गारंटीड डिलीवरी के लिए राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम-2012 के तहत झुंझुनूं जिले में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन मासिक रिपोर्ट के आंकड़ों में भिन्नता होने की स्थिति में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जन अभाव अभियोग निराकरण राज्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम अन्तर्गत प्राप्त सूचनाओं को सम्पर्क पोर्टल के माध्यम से संकलित कर की व्यवस्था की हुई है। इसके बावजूद यदि ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आंकड़ों में अन्तर पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले विधायक सुभाष पूनिया के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में डॉ. गर्ग ने अवगत कराया कि सरकार सेवाओं की गारंटीड डिलीवरी के लिए राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम-2012 के तहत झुंझुनूं जिले में वर्ष 2021-22 में 144 तथा वर्ष 2022-23 में 156 प्रकरण पंजीकृत हुए हैं। इन प्रकरणों का संबंधित कार्यालयों द्वारा निर्धारित समय सीमा में निस्तारण किया गया। उन्होंने निस्तारित प्रकरणों का विवरण सदन के पटल पर रखा। डॉ. गर्ग ने बताया कि इस अधिनियम की पालना सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर से वर्ष 2012 से 2021 के दौरान समय-समय पर पत्र, परिपत्र ए आदेश जारी किए गए। इसी प्रकार जिला स्तर पर भी समय-समय पर पत्र जारी कर अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने इनका विवरण भी सदन के पटल पर रखा।