जोधपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
यौन उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जोधपुर की अदालत के बाद अब गुजरात में भी दुष्कर्म मामले में सजा के आदेश हो चुके हैं। अब जोधपुर की अदालत में सुप्रीम कोर्ट में कूटरचित दस्तावेज से जमानत का प्रयास करने के मामले में मुकदमा चल रहा है। आसाराम की ओर से कूटरचित दस्तावेज के मामले में अपर सेशन न्यायाधीश संख्या 05 जोधपुर महानगर की अदालत में जमानत आवेदन पेश किया जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया गया। पीठासीन अधिकारी अहसान अहमद के समक्ष पेश जमानत आवेदन पर लम्बी सुनवाई हुई। अपर लोक अभियोजक चांद अली ने सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए बताया कि कूटरचित दस्तावेजों के मामले में मुख्य आरोपी रविराय और आसाराम पर रातानाडा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आसाराम को इससे पूर्व जोधपुर की अदालत में दो मामलों में सजा का आदेश सुनाया जा चुका है। ऐसे में आसाराम को इस मामले में जमानत नहीं दी जाए। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आसाराम के जमानत आवेदन को खारिज कर दिया है। दरअसल आसाराम को दो-दो मामलों में सजा सुनाई जा चुकी। दोनों ही सजा आसाराम को एक साथ ही काटनी होगी। आसाराम को जिन दो मामलों में सजा सुनाई गई है वह एक जैसे ही हैं लेकिन दोनों अलग-अलग राज्य के हैं। इस कारण जमानत मिल पाना भी अब उसके लिए मुश्किल हो गया। ऐसे में आसाराम के लिए जेल से निकलने की उम्मीद काफी कम हो गई है।