जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
कृषि विपणन राज्यमंत्री मुरारीलाल मीणा ने विधानसभा में कहा कि चूरू के ताल छापर अभयारण्य कृष्णमृगों की बढ़ती संख्या के कारण इन्हें शिफ्ट करने के लिए झुंझुनूं एवं नागौर जिले में तीन स्थानों का चिन्हीकरण किया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इन चिन्हित स्थानों में किसी भी स्थान पर ईव सेंसेटिव जोन नहीं बनाया जाएगा। कृषि विपणन राज्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का वन राज्य मंत्री की ओर से जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इन चिन्हित स्थानों का चर विभाग द्वारा पूरी तरह सर्वे के उपरान्त किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किय कि जिन स्थानों पर ईको सेंसेटिव जोन होते हैं वहां अन्य गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है लेकिन वहां ईको सेंसेटिव जोन नहीं बनाए जाने से चिन्हित स्थानों पर इसके आसपास आवासीय औद्योगिक एवं खनन गतिविधियों पर पृथक से कोई रोक नहीं रहेगी। इससे पहले विधायक मनोज कुमार के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कृषि विपणन राज्यमंत्री ने कहा कि ताल छापर अभयारण्य से कृष्णमृगों की बढ़ती संख्या के कारण इनके स्थानांतरण के लिए लीलकी बीड जिला चूरू जिला झुंझुनूं तथा जसवंतगढ जिला नागौर का चिन्हीकरण किया गया है। उन्होंने स्थानवार विवरण सदन के पटल पर रखा।

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