जैसलमेर - मनीष व्यास 
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने महाशिवरात्रि पर सीमावर्ती जैसलमेर के झिनझिनयाली गांव में प्रातः अलेख पूरी जी की मढ़ी के दर्शन और वैदिक मंत्रोचार के साथ भगवान शंकर का जलाभिषेक किया। साधु- संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। शुक्रवार देर रात झिनझिनयाली गांव में रात्रि चौपाल शेखावत ने कहा कि राज्य सरकार से जनता को निराशा ही मिली है।
जैसलमेर के झिनझिनयाली गांव में  रात्रि चौपाल के बाद शनिवार को शेखावत जैसलमेर प्रवास पर रहे। झिनझिनयाली गांव में सिद्ध सन्त श्री मूल चंद जी की प्रोल पहुंचे और पवित्र स्थल के दर्शन किए। उन्होंने करीब 300 वर्ष पुरानी शिला पर माथा टेका और पूजा की। शेखावत ने झिनझिनयाली के समीप गुहड़ा ग्राम पंचायत स्थित गुहड़ा धाम जाकर सन्त शिरोमणी सदाराम जी महाराज के धाम पर ज्योत के दर्शन कर पूजा अर्चना की। 
केन्द्रीय मंत्री ग्राम पंचायत तेजरावा के सिहडार गांव में ग्रामीणों से मिले और उनकी समस्याओं को सुना तथा यथासंभव निराकरण का प्रयास किया। पूर्व विधायक सांग सिंह, पूर्व विधायक छोटू सिंह, जिला प्रमुख प्रताप सिंह, सरपंच प्रतिनिधि घनश्यम सिंह समाजसेवी तारेंद्र सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश सारदा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। 
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने सीमावर्ती क्षेत्र मुनाबाव के निकट मरू तपो भूमि ख्याला मठ म्याजलार में ब्रहमलीन योगी नाथ की समाधी पर माथा टेका और फिर गादीपति सन्त गोरख नाथ जी महाराज का आशीर्वाद लिया। यहां बड़ी संख्या में मौजूद सीमावर्ती क्षेत्रों से आए गणमान्य लोगों और ग्रामीणों से मुलाकात की। अपने स्वागत पर उन्होंने कहा कि ख्याला मठ पहुंचने पर उत्साह के साथ स्वागत स्नेह से अभिभूत हूं। शेखावत ने सीमावर्ती क्षेत्र सत्तों में श्री कृष्ण डेयरी का अवलोकन किया। यहां पर डेयरी संचालक शैतान सिंह, सरपंच गजेन्द्र सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह सहित अनेक गणमान्य लोगों ने स्वागत किया।
रात्रि चौपाल में ग्रामीणो से मुलाकात
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने जैसलमेर के झिनझिनयाली गांव में शुक्रवार को रात्रि चौपाल लगाकर जनता-जनार्दन को केंद्र सरकार की योजनाएं बताईं और उनसे विकास व सुधार के क्षेत्रों पर सलाह ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीणजन प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा संकल्पित जल जीवन मिशन, उज्जवला योजना इत्यादि योजनाओं के बारे में अच्छे से जानते हैं और इनसे जीवन स्तर में आए सुधार को स्वीकारते हैं। वहीं राज्य सरकार से उन्हें निराशा ही मिली है।