चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी।
कोरोना की संभावित लहर को देखते हुए केंद्र सरकार ने मंगलवार को सभी चिकित्सालयों मे कोरोना की तैयारियों को लेकर मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए थे। लेकिन चित्तौड़गढ़ के सबसे बड़े जिला राजकीय श्री सांवलियाजी चिकित्सालय में मॉक ड्रिल के नाम पर महज औपचारिकता पूरी की गई। इसके अंतर्गत सिर्फ एक चिकित्सक ने कोरोना से निपटने के लिए मॉक ड्रिल की औपचारिकता पूरी कर दी। जबकि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार इस मॉक ड्रिल को पूरी गंभीरता के साथ करने के लिए कहा गया था। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार के निर्देश पर सवेरे 11:00 बजे जिला राजकीय चिकित्सालय में भी कोरोना से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया जिसमें चिकित्सालय प्रशासन ने इस मॉक ड्रिल को महज औपचारिकता बना कर रख दिया। जिसमें जिला चिकित्सालय प्रशासन ने इस मॉक ड्रिल के लिए डॉक्टर मनीष वर्मा को नियुक्त किया। जिन्होंने चिकित्सालय परिसर में लगे ऑक्सीजन प्लांट, कोरोना आइसोलेशन वार्ड और वेंटिलेटर सहित कई अन्य सुविधाओं के बारे में नर्सिंग कर्मियों से जानकारी ली। इसके पश्चात डॉक्टर मनीष वर्मा ने बताया कि सरकार के निर्देश पर आज चिकित्सालय में मॉक ड्रिल हुई है। जिसमें चिकित्सालय परिसर में तीन ऑक्सीजन प्लांट वर्तमान में संचालित हो रहे हैं। जिनकी क्षमता 310 सिलेंडर की है। उन्होंने बताया कि कोरोना के लिए बनाए गए 30 बेड वाले आइसोलेशन वार्ड में भी सभी सुविधाएं माकूल पाई गई है। उन्होंने बताया कि 6 बेड आईसीयू वार्ड में सुरक्षित रखे गए हैं और सभी वार्डों में ऑक्सीजन की सप्लाई सही पाई गई है। इसके बारे में जिला कलेक्टर अरविंद कुमार पोसवाल ने बताया कि आज पूरे जिले में सरकार के निर्देश पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई है जिसमें कोरोना की संभावित लहर से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधनो के बारे में जानकारी प्राप्त की गई है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि कोरोना की संभावित लहर के आगमन को देखते हुए आमजन पूरी तरह से अपने आप को सुरक्षित रखें और मास्क का उपयोग करें और भीड़भाड़ की जगह पर जाने से बचें।

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