हनुमानगढ़-विश्वास कुमार।
हनुमानगढ़ बाल कल्याण समिति द्वारा 2 माह पूर्व में घर से पलायन की गई नाबालिग बालिका को सकुशल दादी के साथ परिवार में पुनर्वास करवाया। 2 माह पूर्व बालिका मुस्कान कर्नाटक अपने घर से चली गई थी जो संयोग से बालिका दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सहमी हुई सी दिल्ली आरपीएफ पुलिस को मिल गई। जिसे आरपीएफ पुलिस ने दस्तयाब कर बालिका को दिल्ली बालिका गृह में आवासित करवाया गया। जिस पर बालिका ने बताया कि उसके दादा दादी हनुमानगढ़ के सुरेशिया में रहते हैं। इस पर दिल्ली बालिका गृह ने हनुमानगढ़ सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष जितेन्द्र गोयल को बालिका द्वारा दी गई जानकारी बताई। जिस पर अध्यक्ष गोयल ने बालिका की दादी ममता कौर से समन्वय स्थापित कर बालिका के सम्बंध में पूरी जानकारी देकर बालिका की दुरभाष पर दिल्ली बात करवा पूरा मामला कंफर्म कर सीडब्ल्यूसी की फुल बैंच बैठक कर दिल्ली बालिका गृह को आदेश जारी करते हुए बालिका मुस्कान को सीडब्ल्यूसी हनुमानगढ़ के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए। जिस पर दिल्ली पुलिस द्वारा नाबालिग मुस्कान को हनुमानगढ़ सीडब्ल्यूसी के समक्ष बालिका को प्रस्तुत किया गया। जिस पर बालिका की दादी ममता कौर को सूचना कर सीडब्ल्यूसी हनुमानगढ़ कार्यालय बुलाया गया और बालिका को दादी के सुपुर्द करते हुए दादी को मुस्कान की देखरेख शिक्षा, दीक्षा के लिए पाबंद करते हुए बालिका को दादी के सुपुर्द किया गया। जिस पर पोती को पाकर दादी के खुशी से आंसू छलक गए। बालिका मुस्कान ने भी परिवार को पाकर खुशी जाहिर की और दादी ने सीडब्ल्यूसी हनुमानगढ़ की कार्यशैली व तत्परता के लिए आभार व्यक्त किया। इस मौके पर गोयल ने कहा की कोई भी नाबालिग बालक बालिका घर से गायब है या किन्ही कारणों से घर से चला गया है तो उसकी सूचना हेल्पलाइन 1098 पर या सीडब्ल्यूसी को अवश्य दें। जिससे बालक का बचपन बचाया जा सके। सीडब्ल्यूसी बच्चों की सुरक्षा के लिए हर पल कटिबद्ध है। प्रेमचंद शर्मा ने बताया कि सीडब्ल्यूसी हनुमानगढ़ बालकों की देखरेख और सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। इस मौके पर सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष जितेंद्र गोयल,सीडब्ल्यूसी सदस्य प्रेमचंद शर्मा,सीडब्ल्यूसी सदस्य सुमन सैनी ,सहायक निदेशक बाल अधिकारिता विभाग प्रेमाराम,दत्तक ग्रहण एजेंसी मैनेजर सहदेव रोझ,सीडब्ल्यूसी ऑपरेटर गजेंद्र शर्मा,सहायक प्रशासनिक अधिकारी विशाल कुमार,पूनमचंद राणा,नर्सिंग स्टाफ पुष्पा देवी,मुकेश सहारण मौजूद रहे।