जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान में गहलोत सरकार बनने के बाद से ही नौकरशाहों और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव के मामले देखने को मिल रहे हैं। बीते 4 साल में तकरीबन दो दर्जन से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं जब गहलोत सरकार के मंत्रियों, विधायकों का सीधे-सीधे नौकरशाहों से टकराव हुआ है और इसी टकराव के चलते तकरीबन एक दर्जन से ज्यादा नौकरशाहों के तबादले भी अब तक हो चुके हैं।हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है जब नौकरशाहों और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव के मामले सामने आए हों इससे पहले पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार में भी नौकरशाहों और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव के मामले सामने आते रहे हैं लेकिन दिलचस्प बात यह है कि पिछले 4 साल में नौकरशाहों के साथ टकराव के जो मामले सामने आए हैं उतने पहले कभी भी नहीं रहें।दिलचस्प बात तो यह है कि गहलोत कैबिनेट के कई सदस्यों ने तो सीधे-सीधे नौकरशाहों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। जितनी बार नौकरशाहों और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव हुआ है उसमें जनप्रतिनिधि ही नौकरशाह पर भारी पड़े हैं। जनप्रतिनिधियों से टकराव के चलते नौकरशाहों के तबादले होते रहे हैं। यही वजह है कि कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तो डेपुटेशन पर दिल्ली चले गए हैं।
ACR भरने को लेकर बढा विवाद।
हाल ही में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और महेश जोशी के बीच नौकरशाहों की एसीआर भरने को लेकर विवाद हो चुका है। मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, राजेंद्र गुढ़ा और कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा कई बार नौकरशाहों पर लगाम लगाने की बात कह चुके हैं।
इस साल इन विधायकों का हुआ नौकरशाहों से टकराव।
इसी साल सत्तारूढ़ कांग्रेस के जिन विधायकों और मंत्रियों का टकराव नौकरशाहों हुआ है उनमें मंत्री अशोक चांदना, कांग्रेस विधायक गणेश घोगरा, राजेंद्र बिधूड़ी, संयम लोढ़ा, जोगिंदर अवाना और एआईसीसी सचिव धीरज गुर्जर भी शामिल है
गिर्राज सिंह मलिंगा।
इसी साल एक सरकारी कर्मचारी से मारपीट के मामले में फंसे कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने तत्कालीन डीजीपी एमएल लाठर पर जमकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
राजेंद्र बिधूड़ी।
बेंगू से कांग्रेस विधायक राजेंद्र बिधूड़ी ने भी एसएचओ को धमकी देकर नौकरशाहों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
गणेश घोगरा।
डूंगरपुर से कांग्रेस विधायक गणेश घोगरा ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर एसडीएम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था बाद में एसडीएम का तबादला हो गया था।
जोगिंदर अवाना। 
पूर्व में जोगिंदर अवाना ने भी सार्वजनिक निर्माण विभाग के अफसरों पर सड़क निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने के आरोप लगाए थे।
संयम लोढ़ा। 
मुख्यमंत्री के सलाहकार और निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा भी लगातार ट्वीट करके नौकर शाहों पर जमकर आरोप लगा चुके हैं। संयम लोढ़ा ने एक मुख्य सचिव निरंजन आर्य पर भी कई बार सवाल खड़े किए थे।
धीरज गुर्जर।
बीज निगम के चेयरमैन और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर ने भी नौकरशाहों को निशाने पर लिया था और कहा था कि नौकरशाह किसी सरकार के नहीं होते, वे सत्ता के और खुद के होते हैं। कुर्सी बचाने के लिए विपक्ष से दीपक से हाथ मिला लेते हैं।
पूर्व में इन मंत्रों से टकराव के चलते हुआ था एक दर्जन अधिकारियों का तबादला।
यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल और सिद्धार्थ महाजन के विवाद हुआ , महाजन का तबादला। तत्कालीन चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा और एसीएस रोहित कुमार सिंह के बीच विवाद , बीच कोरोना काल में सिंह का तबादला। तत्कालीन चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा का तकालीन एनएचएम डायरेक्टर समित शर्मा से विवाद हुआ तो शर्मा का तबादला। मंत्री सुभाष गर्ग और तत्कालीन भरतपुर कलक्टर आरुषि मालिक से विवाद के बाद मलिक तबादला। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल का तत्कालीन अजमेर संभागीय आयुक्त रहते हुए आरुषि मालिक का विवाद , आरुषि मलिक का तबादला। तत्कालीन राजस्व हरीश चौधरी और संदीप वर्मा से विवाद हुआ तो उनका तबादला। तत्कालीन खाद्य मंत्री रमेश मीणा के साथ तनातनी के चलते आईएएस मुग्धा सिन्हा का तबादला। पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह से टकराने के चलते एच गुइटे और श्रेया गुहा का भी तबादला। कृषि मंत्री लाल चन्द कटारिया का पीके गोयल से विवाद हुआ , विवाद ज्यादा बढ़ा तो गोयल का ट्रांसफर। मंत्री उदयलाल आंजना और आईएएस नरेशपाल गंगवार के बीच विवाद तो गंगवार का सहकारिता विभाग से तबादला।तत्कालीन परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और राजेश यादव के बीच विवाद के बाद तबादला।तत्कालीन ऊर्जा मंत्री बीड़ी कल्ला और कुंजीलाल मीणा के बीच विवाद हुआ , मीणा का ट्रांसफर। तत्कालीन शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा और मंजू राजपाल के बीच विवाद के चलते तबादला। खान मंत्री मंत्री प्रमोद जैन भाया और खान विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव दिनेश कुमार में टकराव के बाद तबादला।