हनुमानगढ़-विश्वास कुमार।
हनुमानगढ़ के संगरिया कस्बे मे आज गुरु जमभेश्वर मंदिर प्रांगण में वृक्षों को कटने से बचाने के लिए प्राणोत्सर्ग करने वाली शहीद माता अमृता देवी सहित 363 लोगो के बलिदान को याद करते हुए खेजड़ली दिवस मनाया गया। बिश्नोई मंदिर के प्रांगण में स्थित शहीद अमृता देवी की प्रतिमा पर बिश्नोई समाज की महिलाओं ने दीप प्रव्जलित किया तथा समाज के गणमान्य जनों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। खेजडली दिवस की पूर्व संध्या पर माता अमृता देवी पर्यावरण संरक्षण समिति द्वारा पूरे परिसर की साफ सफाई कर पानी से धोया गया। इस अवसर पर पर्यावरण व वृक्षारोपण से जुड़े रहे विनोद विश्नोई ने बताया की विश्व में एकमात्र उदाहरण है कि किसी समाज के 363 लोगो ने सिर्फ पेड़ो को बचाने के लिए चलाए गए अहिंसक आंदोलन में अपना जीवन पेड़ो से चिपक कर बलिदान कर अपने गुरु महाराज के वचन सिर सांठे रूंख बचे तो भी सस्तो जानं,को निभा दिया। हिमालय की तलहटी में मशहूर पर्यावरणविद व चिपको आंदोलन के प्रेणता सुंदरलाल बहुगुणा ने भी खेजड़ली आंदोलन के तर्ज पर आंदोलन कर लाखो पेड़ो को कटने से बचाया। वही ओम प्रकाश बिश्नोई ने माता अमृता देवी की जीवनी पर प्रकाश डाला। सुरेंद्र बिश्नोई ने शहिद अमृता देवी पार्क के निर्माण के बारे में बताया इसके अतिरिक्त सुरेंद्र बागड़िया, प्रमोद बिश्नोई, शिवभगवान लाला, संजय हिंदुस्तानी ने अपना उद्बोधन दिया। इस अवसर पर समय समय पर रक्तदान की मुहिम चलाने वाले अभिमन्यु पूनिया भी उपस्थित रहे ।

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