हनुमानगढ़-विश्वास कुमार।
केंद्र सरकार द्वारा मनाये जा रहे आजादी के अमृत महोत्सव के तहत शहीदों को याद व उनके सम्मान के लिए दिल मे देशभक्ति का जज्बा लिए तिरंगा लेकर भारत से पाकिस्तान की यात्रा पर जोधपुर का एक अधिवक्ता निकला है।"एक मुट्ठी जलियाँवाला बाग पैदल यात्रा" के दौरान तिरंगा हाथ मे लिए तीन चरणों मे यात्रा के दौरान द्वितीय चरण मे जोधपुर से जलियाँवाला बाग़ (अमृतसर) के लिए निकले अधिवक्ता व अध्यक्ष युवा शक्ति संगठन,जोधपुर विजय राव ने हनुमानगढ़ पहुंचने पर "राज-काज न्यूज़" (RajKaj News) से खास बात करते हुए कहा की आज के समय मे युवा देश के प्रति समर्पण को भूल इंटरनेट व OTT के मकड़जाल मे फंसते जा रहे है। सरदार भगत सिंह जैसे वीरों व देशभक्तों को हीरों मानने की बजाय फिल्मों और OTT जैसे पर्दे पर काम करने वालों को अपना हीरों मान बैठे है। जिसके चलते देश से मोह भंग होता जा रहा है। युवाओं मे देश भक्ति की अलख जगाने व आजादी के परवानो की कुर्बानियों को याद करना व सम्मान ही यात्रा का मुख्य उदेश्य है। राव ने बताया की ये यात्रा पाकिस्तान मे समाप्त होंगी व शहीद भगतसिंह, सुखदेव व शहीद राजगुरू के जन्म व शहादत स्थल लाहोर से इन शहीदों की मिट्टी भारत लाई जाएगी। बता दे, की विजय राव की यात्रा की राजस्थान के मुख्यमंत्री, शहीदे-आजम भगत सिंह के भांजे जगमोहन सिंह व भतीजे किरणजीत सिंह तक सराहना कर चुके है।
तीन चरणों के साथ पाकिस्तान में होंगी यात्रा समाप्त।
प्रथम चरण में 23 फरवरी को सरदार अजीतसिंह जयंती पर गेट वे ऑफ इण्डिया मुम्बई (महाराष्ट्र) से महाराष्ट्र, गुजरात होते हुए राजस्थान में 23 मार्च को शहीद भगत सिंह, शहीद सुखदेव व शहीद राजगुरु के शहीद दिवस पर शहीद भगत सिंह मूर्ति स्थल, जोधपुर (राजस्थान) तक की 1000 किलोमीटर की दूरी 16 लाख 50 हजार कदमों से तय की गई। द्वितीय चरण मे 23 फ़रवरी जोधपुर से चलकर 15 अगस्त को पंजाब के अमृतसर मे स्थित जलियाँवाला बाग़ मे समाप्त होगा। इसके बाद जरूरी औपचारिकताओं व भारत-पाकिस्तान की सरकारों की सहमति से शहीदों के परिजनों के साथ यात्रा का तृतीय चरण
जलियावाला बाग से शहीद भगतसिंह, सुखदेव व शहीद राजगुरू के जन्म व शहादत स्थल लाहोर पाकिस्तान पहुंचकर समाप्त होगा। जहाँ से इन शहीदों की मिट्टी भारत लाई जाएगी।पाकिस्तान यात्रा के दौरान राव के साथ परिजन व अन्य लोग भी शामिल रहेंगे।

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