श्रीगंगानगर-राकेश मितवा।
श्रीगंगानगर निवासियों का पिछले 10 सालों का इंतजार खत्म हो गया है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में 100 सीटों के लिए मेडिकल काउंसिल ने अनुमति दे दी है ।अब सत्र 2022- 23 में नेट की परीक्षा के रिजल्ट आने के साथ ही श्रीगंगानगर के राजकीय मेडिकल कॉलेज को 100 सीटों में प्रवेश ओर अक्टूबर के पहले सप्ताह में कक्षाएं शुरू हो जाएंगे। इन 100 सीटों में 50 सीटों पर प्रवेश मेरिट के बेस पर होगा वही 15 सीटें एनआरआई कोटे 35 सीटें मैनेजमेंट कोटे की होंगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2012 में मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए आंदोलन शुरू किया गया था। तब सेठ मेघराज जिंदल चैरिटेबल ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी बीडी अग्रवाल ने 100 करोड़ रुपए का चेक देकर इस आंदोलन को और गति दी थी।श्रीगंगानगर को मेडिकल कॉलेज का सपना दिखाने वाले अग्रवाल का कोरोना काल में निधन हो गया था।पिछले दिनों मेडिकल काउंसिल की मेडिकल असेसमेंट एम रेटिंग बोर्ड ने कॉलेज के भवन और अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया था। निरीक्षण के मापदंड पर सही पाए जाने पर एनओसी की सिफारिश की गई थी।इस अवसर पर स्थानीय विधायक राजकुमार गौड ने आम जनता को शुभकामनाएं देते हुए बताया कि निर्माण एजेंसी आरएसआरडीसी के प्रोजेक्ट के अनुसार मेडिकल कॉलेज के लिए 650 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। इसके लिए 240 बेड क्षमता का एक और अस्पताल बनेगा । इस पर लगभग 65करोड़ खर्च किए जाएंगे। विधायक राजकुमार गौड़ ने इस अवसर पर खुशी जताते हुए कहा कि श्री गंगानगर का यह सरकारी मेडिकल कॉलेज का वर्षों पुराना सपना साकार हुआ है। 2021 में कालेज भवन का वर्चुअल शिलान्यास किया गया था और 2 वर्ष में इस चार मंजिला एकेडमिक ब्लॉक व हॉस्टल बने थे। लेकिन यह कार्य इतनी तेजी से चला कि सवा साल में ही इसे पूरा कर लिया गया है। सरकार ने प्रोजेक्ट के लिए बजट की कमी नहीं आने दी।राज्य सरकार ने सरकारी नर्सिंग कॉलेज भी स्वीकृत किया है। इससे पहले कृषि विज्ञान महाविद्यालय भी शुरू किया गया था। गौरतलब है कि इस कॉलेज के लिए अभी 100 सीटें 5 सालों के लिए दी गई है। इसके बाद 150 सीट कर दी जाएंगी। अभी 22 प्रोफेसर व सहायक प्रोफेसरों की ही भर्ती हुई है। फिलहाल कॉलेज के लिए 200 से अधिक लोगों का स्टाफ नियुक्त किया गया है। मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति के लिए सांसद निहालचंद ने भी केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। सांसद निहालचंद ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति को लेकर मेडिकल की सीटें मंजूर करवाने के लिए वे लंबे समय से विभिन्न मंत्रालयों के संपर्क में रहे । वही नगर परिषद के नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर बबीता गौड ने भी मेडिकल कॉलेज शुरू करवाने पर केंद्र और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।

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