जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
हरिश्चन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान के महानिदेशक एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रशिक्षण सुधांश पंत ने संस्थान के अधिकारियों व संकाय सदस्यों से कहा है कि वे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनायें जिससे राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मापदण्डों के आधार पर सभी विभागों के अधिकारियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के क्षेत्र में हरिश्चन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान का नाम पूरे देश में उच्च स्थान पर है और सभी को विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से इसकी प्रतिष्ठा को और बढ़ाना है। सुधांश पंत संस्थान के महानिदेशक का कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात् विभिन्न अधिकारियों तथा संकाय सदस्यों द्वारा अपने विभाग और संकाय के प्रशिक्षण व अन्य कार्यों के बारे में दिये गये प्रजेन्टेशन के दौरान अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए नामित अधिकारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित हो इसके लिए प्रारंभ से ही सम्बन्धित विभागों व अधिकारियों के साथ पत्र व्यवहार, बातचीत व सामन्जस्य रहे।महानिदेशक ने कहा कि प्रशिक्षण का वार्षिक कलैण्डर निर्धारित समय जनवरी माह में जारी कर दिया जाना चाहिए और इसके लिए दो तीन माह पूर्व से ही प्रशिक्षणों के सम्बन्ध में विभिन्न विभागों व संस्थानों से भी आवश्यक पत्र व्यवहार व सम्पर्क कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरिश्चन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान का परिसर बहुत खूबसूरत है, इसे वृृक्षारोपण के माध्यम से और अधिक हरा भरा व सुन्दर बनाना चाहिए इसके लिए प्रत्येक कर्मचारी व अधिकारी एक-एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने की जिम्मेदारी ले। प्रत्येक पौधारोपण के समय सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी के नाम की तख्ती भी पौधे के पास लगाई जाये जिससे उनका आत्मीय लगाव पौधे से बना रहेगा और वे हर समय उसकी सार सम्भाल करेंगे।महानिदेशक ने आजादी के अमृृत महोत्सव के दौरान आगामी 15 अगस्त को आयोजित स्वाधीनता दिवस की तैयारियों व घर-घर तिरंगा कार्यक्रम के बारे में भी विस्तार से चर्चा की।प्रजेन्टेशन के दौरान संस्थान के अतिरिक्त महानिदेशक टीकमचन्द बोहरा, प्रबन्ध अध्ययन केन्द्र के रजिस्ट्रार एन.आर. पारीक, अतिरिक्त निदेशक प्रशासन विष्णु कुमार गोयल, संकाय सदस्य व सेवानिवृत आई.ए.एस. एस.एस. बिस्सा एवं राजेश यादव भी मौजुद थे। डॉ. राकेश सिंघल ने ह.च.मा. रीपा व विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, डॉ. रिपुन्जय सिंह ने राजस्थान शहरी विकास केन्द्र व आपदा प्रबंधन तथा एन.आर. पारीक ने लेखा एवं प्रबन्ध अध्ययन केन्द्र के बारे में पीपीटी प्रजेन्टेशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी।

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