अलवर ब्यूरो रिपोर्ट।
अलवर जिले के तिजारा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को तिजारा पहुंचे। हेलीपैड पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और विधायकों ने उनका स्वागत किया। उसके बाद वे सड़क मार्ग से तिजारा जैन मंदिर की तरफ जा रहे थे कि रास्ते में अचानक एबीवीपी के कार्यकर्ता आ गए। उन्होंने मुख्यमंत्री और उनके काफिले को काले झंडे दिखाने के साथ ही सीएम गहलोत और कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। जिले के तिजारा जैन मंदिर में कांग्रेस का नेतृत्व संगम शिविर चल रहा है। इसमें कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद हैं। इस शिविर में शामिल होने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को हेलीकॉप्टर से तिजारा पहुंचे। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, मंत्री टीकाराम जूली, मंत्री शकुंतला रावत, विधायक साफिया खान, विधायक संदीप यादव समेत अन्य विधायक व जिला अध्यक्ष योगेश मिश्रा भी मौजूद रहे। फूल-मालाओं से मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।उसके बाद सड़क मार्ग से मुख्यमंत्री तिजारा जैन मंदिर के लिए रवाना हुए। जैन मंदिर से कुछ दूरी पर रास्ते में अचानक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता पहुंच गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के काफिले को काले झंडे दिखाए और सीएम गहलोत एवं कांग्रेस सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। यह सब इतना अचानक हुआ कि वहां मौजूद पुलिस और अन्य अधिकारियों को भी कुछ समझने का मौका नहीं मिला। ऐसे में भिवाड़ी व अलवर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक सामने आई है। प्रशासन को इस विरोध की भनक तक नहीं रही। एबीवीपी के कार्यकर्ता हाथों में काले झंडे लेकर रास्ते में अचानक ही आ गए। एबीवीपी के युवा कार्यकर्ताओं ने गहलोत सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह देखकर वहां मौजूद अधिकारी और नेता भी चौंक गए। काले झंडे दिखाने वाले युवकों की तलाश में पुलिस जुट गई है। इस दौरान जिला कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।