हनुमानगढ़-विश्वास कुमार।
हनुमानगढ़ जिले में पशुओं में लंपी स्किन बीमारी तेजी से फैल रही है। करीब 45 दिनों में जिले में 405 गोवंश की मौत हो चुकी है। पशुपालन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक विभाग की ओर से 66260 पशुओं को जांचने का काम किया गया है। जाँच मे कुल 4320 पशुओं मे लंपी स्किन का प्रकोप पाया गया है।
नियत्रण कक्ष की स्थापना।
वायरस जनित इस रोग के नियंत्रण को लेकर जिला मुख्यालय पर नियंत्रण कक्ष की स्थापना कर दी गई है। पशु पालक दूरभाष नंबर 01552 226689 और मोबाइल नंबर 7597419087 पर संपर्क कर उचित सलाह प्राप्त कर सकते हैं। जिले के पशुपालक इस रोग से गोवंश के ग्रसित होने पर अपने नजदीक के पशु चिकित्सा केन्द्र से संपर्क कर सकते हैं।साथ ही विभाग की तरफ से 5 रूपये पर्ची शुल्क भी घटा दिया गया है। पंचायत स्तर पर "आरआरटी" टीम का गठन भी किया गया है। एक माह से सर्वें कर रही है। राहत की बात ये है की अब तक 1457 पशु ठीक हो चुके है। रावतसर और संगरिया में मिले अधिक संक्रमित पशु मिले है।
जिले में दूध का उत्पादन घटा।
पशुओं में फैली उक्त बीमारी से जिले मे दूध की आवक काफ़ी घट गई है।स्थानीय गंगमूल डायरी मे ही करीब 10 हजार लीटर दूध की आवक घटने की सूचना है। हालांकि पशुपालन विभाग ये भी स्पष्ट किया है की लम्पी रोग से ग्रस्त गोवंश का दूध अगर अच्छे से उबाल कर प्रयोग करते है तो वो नुकसानदायक नहीं है।
रोग की वजह से रोक।
राजस्थान सरकार पशुपालन विभाग के शासन सचिव पीसी किशन ने एक आदेश जारी कर जिले की भादरा तहसील मे लगने वाले सबसे बड़े राज्य स्तरीय (गोगामेड़ी) पशु मेले पर भी इस रोग की वजह से रोक लगा दी गई है।
पीलीबंगा विधायक और हिन्दू संगठनों ने उठाया बीड़ा
क्षेत्र में गौ वंश में फैल रहे लंपी रोग को देखते हुए प्रशासन के साथ साथ अब गौ रक्षा दल पीलीबंगा,बजरंग दल तथा RSS भी मैदान मे उतर गया है। जिसके तहत मंडी के विभिन्न स्थानों से बेसहारा गौवंश जो की लंपी रोग से ग्रस्त है उन्हे अलग बाड़े में रखा जा रहा है।साथ ही गौरक्षा दल तथा नगर पालिका के सहयोग से बेसहारा गौवंश के लिए हरा चारा तथा गौवंश के लिए सवामणी की भी व्यवस्था की जा रही है।पीलीबंगा विधायक धर्मेंद्र मोची ने 10 लाख विधायक कोष से लंपी रोग की रोकथाम के लिए देने की घोषणा की है।इस कार्य में मुख्य भूमिका निभाने में गौ रक्षा दल से मोहित जिंदल,राहुल वर्मा,प्रीत सिंह,रवि खीची,गजेंद्र सिंह,बजरंग दल के निशु गर्ग,भेरू राजपुरोहित,तथा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के राजेंद्र नांदीवाल, अनिल गोदारा, मोहित शर्मा इत्यादि शामिल है।
अब तक 405 गोवंश अकाल मौत का ग्रास बन चुके है।
सयुंक्त निदेशक पशुपालन विभाग, हनुमानगढ़, डॉ.ओमप्रकाश किलानियां ने बताया की जिले मे लम्पी का कहर दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। अब तक 405 गोवंश अकाल मौत का ग्रास बन चुके है। हालांकि पशुपालको का कहना है की सरकारी आंकड़ों से कई गुना अधिक पशुओं की मौते हो चुकी है।
वैक्सीन का इंतजार।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. ओमप्रकाश किलानियां ने बताया कि इस बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावित गोवंश को गोट पॉक्स वैक्सीन लगाने की सलाह दी गई है।इसके बाद हनुमानगढ़ जिले में करीब एक लाख वैक्सीन की मांग सरकार को भिजवा दी गई है। एक सप्ताह में इसकी आपूर्ति होने की संभावना है। किलानियां ने बताया कि हनुमानगढ़ जिले में अभी तक जितने पशुओं की मौत हुई हैं। उसमें सारे के सारे गोवंश ही हैं।
क्या लम्पी रोग पाकिस्तान से आया?
अधिकारियों के अनुसार यह संक्रामक रोग रक्त चूसने वाले कीड़ों, मक्खियों की कुछ प्रजातियों और दूषित भोजन और पानी के जरिए फैलता है। इसके प्राथमिक लक्षण में पशुओं की त्वचा पर गांठ, तेज बुखार और नाक बहना है। उन्होंने बताया कि अफ्रीका में पैदा हुई यह बीमारी अप्रैल में पाकिस्तान के रास्ते भारत आई थी।

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