झालावाड़-हरिमोहन चोडॉवत।
आपने अक्सर किसी दिवंगत व्यक्ति की अंतिम यात्रा में गमगीन माहौल में ढोल बाजे के साथ अंतिम यात्रा को निकलते हुए देखी होगी। लेकिन झालावाड़ जिले के गंगधार कस्बे में अखाड़े के एक उस्ताद के देहांत हो जाने पर उनके शिष्यों ने उन्हें अनोखे तरीके से अंतिम विदाई दी। इस दौरान अखाड़े के लोग अपने उस्ताद की शव यात्रा में विभिन्न शारीरिक करतब दिखाकर अखाड़ा खेलते हुए चल रहे थे । यही नहीं इस दौरान दिवंगत पहलवान की बेटी ने भी आंखों में आंसू लिए रोते हुए अखाड़ा खेल कर अपने पिता को उनकी पसंद की श्रद्धांजलि दी। 
जानकारी के अनुसार झालावाड जिले के गंगधार क्षेत्र के निवासी पहलवान लखन लाल शर्मा का देहांत हो गया था। दिवंगत अखाड़े के उस्ताद को श्रद्धांजलि देने के लिए शिष्य पुष्पांजलि करने पहुंचे। लेकिन पुष्पांजलि के बाद उनके शिष्यो ने अपने उस्ताद को उनकी पसंद की श्रद्धांजलि देना उचित समझा और इसी के चलते कस्बे में निकाली गई। उनकी अंतिम यात्रा में उनके शिष्यों ने विभिन्न शारीरिक करतब दिखाते हुए अखाड़ा खेला । इस दौरान अपने दिवंगत पिता का अखाड़े से प्रेम को मद्देनजर नजर रखते हुए दिवंगत पहलवान की बेटी ने भी आंखों में आंसू लिए रोते हुए अखाड़ा खेल कर अपने दिवंगत पिता को उनकी पसंद की श्रद्धांजलि दी। इस नजारे को देख जहां कस्बे के आम लोग रोमांचित है तो वहीं सजल नेत्रों से पहलवान को श्रद्धांजलि भी दे रहे थे । लेकिन इस तरह की अनोखी अंतिम यात्रा पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।