श्रीगंगानगर-राकेश मितवा।
श्रीगंगानगर शहर में बरस रही प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिये जिला प्रशासन ने सेना और बीएसएफ से संपर्क किया है। अधिकृत सूत्र ने बताया कि सेना और बीएसएफ से पानी निकालने के लिये संसाधन और मैन पावर मांगी गई है। इसके साथ-साथ प्रशासन ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से ये पूछा है कि वो ये बताएं कि बरसाती पानी को कहाँ निकाला जाये। 
बीएसएफ और सैन्य अधिकारियों ने शहर में हो रही वर्षा को बड़ी गंभीरता से लेते हुए तमाम तरह की सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है। वही लगभग 100 बड़े पंपों के साथ सैन्य कर्मी भी शहर के निचले इलाकों में भरे पानी को निकालने के लिए तैयारी कर रहे है। इस बीच पुरानी आबादी के अनेक क्षेत्रों मे घरों के अंदर पानी घुस जाने के कारण परिवारों को सरकारी स्कूल नंबर 6 मे ठहारने की व्यवस्था की गई है। बरसात लगातार जारी है। बिगड़े हालातों के फोटो और वीडियो लोग लगातार सोशल मीडिया पर डाल कर एक दूसरे को जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं।
रिकॉर्ड तोड़ भीषण बरसात में डूबा श्रीगंगानगर।
बीते 24 घण्टो से जारी लगातार बारिश ने श्रीगंगानगर जिले में बाढ़ की स्तिथि पैदा कर दी है। भारी बरसात का दौर लगातार जारी है। बीते 24 घण्टो में श्रीगंगानगर की IMD वेधशाला में 224mm की भीषण बरसात दर्ज की गई है। जो कि श्रीगंगानगर के इतिहास में 24 घण्टो के अंदर दर्ज आजतक की सबसे अधिक बरसात है। पिछला रिकॉर्ड 107.7mm बारिश का 18 जुलाई 1978 का है। फिलहाल श्रीगंगानगर में भारी बारिश लगातार जारी है।
 पिछले 48 घण्टो पर नजर डाले तो सुबह 8.30 बजे तक 278 मिलि बारिश हो चुकी। इसी के साथ श्रीगंगानगर ने 1 महीने के जुलाई महीने के अंदर दर्ज आज तक की बारिश के भी सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। श्रीगंगानगर शहर और आसपास के क्षेत्रों में दो दिन से भारी बरसात से पानी भरपूर मात्रा में सड़कों, गलियों, राहों में फैला हुआ है। जल-थल एक हो रहा है। ऐसी स्थिति में बचाव बेहद जरूरी है। शहर में सीवरेज एवं अन्य निर्माण कार्यों की वजह से सड़कें एवं कई भू-भाग धंस चुके है। चारों तरफ पानी ही पानी होने की वजह से यह धंसा हुआ क्षेत्र नजर नहीं आ रहा है। इस बात का अंदाजा नहीं हो रहा है कि कहा खड्डे है और कहां जमीन। इन सब हालात से जान-माल के नुकसान की आशंका है। भारी बारिश के चलते ज्यादातर सरकारी स्कूल बंद रहे। स्कूल में पहुंचने के तमाम रास्ते जल बंद होने के चलते स्कूलों के संचालको ने अपने स्तर पर अपने पावर से आज की छुट्टी की घोषणा की है।इससे बालको को काफी राहत मिली है।शहर का कोई इलाका ऐसा नहीं बचा जो पानी से न भरा हो। जिन  घरों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में बेसमेंट हैं पूरी तरह से पानी से भर गए हैं शहर के रविंद्र पथ ,गौशाला रोड विराम मार्ग के अलावा ब्लॉक एरिया अग्रसेन नगर पुरानी आबादी का लगभग पूरा क्षेत्र पूरी तरह से पानी से भर चुके हैं। लोगों के घरों में भी भारी तादाद में वाले घुस गया है ऐसे में प्रशासन को भी समझ में नहीं आ रहा कि पानी की इतनी विशाल जल राशि को कहां छोड़ा जाए। शहर के तमाम खाली प्लॉट एवं बड़े खुले एरिया भी पानी से भर चुके हैं। आसपास के इलाकों के खेत भी पानी से लबालब हो चुके हैं। कमोबेश यही स्थिति पूरे जिले भर की है। अभी भी बूंदाबांदी लगातार जारी है। जिला प्रशासन हालांकि मदद और प्रयास करने का दवा कर रहा है लेकिन यह दावे भारी पानी के मुकाबले नजर आ रहे हैं। इधर शहर के कथित सामाजिक कार्यकर्ता अति महत्वकांक्षी नेता फोटो खिंचवा कर सोशल मीडिया पर लगातार डाल रहे हैं एवं हर संभव सहायता का वादा कर वाहवाही बटोरने की कोशिश कर रहे है।