जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय जल शक्ति विभाग द्वारा मुख्य सचिव उषा शर्मा को पत्र लिखकर ईस्टर्न कैनाल के काम को बंद करने के पत्र को खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस महत्वपूर्ण योजना का काम किसी भी कीमत पर बंद नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि पूर्वी राजस्थान के लोगों को जोड़ने के लिए इस अभियान के पक्ष में कांग्रेस हस्ताक्षर अभियान शुरू करेगी और केंद्र पर दबाव बनाया जाएगा कि इस योजना को राष्ट्रीय योजना घोषित की जाए।बुधवार को सीएम गहलोत ने बिरला सभागार में कहा कि जब राजस्थान से जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत आते हैं तो ऐसे में उनकी भी जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने राज्य के लिए प्रधानमंत्री से इस महत्वपूर्ण योजना के बारे में निर्णय कराएं। उन्होंने कहा कि वे राजनीति नहीं करें बल्कि जो प्रदेश का हक बनता है उसे दिला कर अपनी जिम्मेदारी पूरी करें। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि मैंने उन्हें जो कहा था वह गलत नहीं है अगर कोई प्रदेश का केंद्रीय मंत्री हो और वह जिम्मेदारी नहीं पूरी करे तो उसे क्या कहा जाएगा?
सीएम गहलोत ने कहा कि हम कोई केंद्र सरकार से भीख नहीं मांग रहे हैं बल्कि हमारा हक बनता है कि 13 जिलों की प्यास बुझाने के लिए जो महत्वपूर्ण योजना है उसे राष्ट्रीय स्तर की योजना घोषित की जाए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने जयपुर और अजमेर में वादा किया था कि ईस्टर्न कैनाल को राष्ट्रीय स्तर की योजना घोषित की जाएगी लेकिन उनका वादा आज तक पूरा नहीं हो पाया है। सीएम गहलोत ने कहा कि वर्ष 2005 में मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच एक समझौता हुआ था उसके तहत मध्यप्रदेश ने तो दो बांध निर्मित कर लिए है और राजस्थान से इसके बारे में एनओसी भी वर्ष 2017 में ले ली है। अब हम काम कर रहे हैं तो केंद्र कैसे आपत्ति कर रहा है। सीएम गहलोत ने कहा कि वर्ष 2010 में केंद्रीय जल आयोग की गाइड लाइन के अनुरूप ईस्टर्न कैनाल योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि गत 36 साल के आंकड़े के लिए जाएं तो वेस्ट 19000 मिलियन क्यूसेक पानी यमुना गंगा और समुद्र में चला जाता है। उन्होंने कहा कि योजना के लिए दो मात्र 3500 मिलियन क्यूसेक पानी ही की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि चाहे कुछ भी हो की योजना का काम चलता रहेगा और बजट में 9600 करोड रुपए की राशि रखी है उस के माध्यम से हम बैराज का निर्माण कार्य जारी रखेंगे। कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन ने कहा कि प्रधानमंत्री पूर्वी राजस्थान की प्यास बुझाने वाली महत्वपूर्ण योजना को लेकर भी राजनीति नहीं करें। उन्होंने मांग की कि इस महत्वपूर्ण योजना को राष्ट्रीय स्तर की योजना घोषित की जाए जिससे की पूरी राजस्थान के 3:5 करोड़ लोगों की प्यास बुझाई जा सके।कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि इस योजना को हम धरातल पर लाने के लिए हर संघर्ष के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वी राजस्थान के लोगों को जोड़ने के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू करेंगे। बिरला सभागार में जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत मालवीय, खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और आपदा मंत्री गोविंद सिंह ने संबोधित किया। कांग्रेस ने 13 जिलों के विधायकों और नेताओं को बुलाकर कार्यशाला आयोजित की थी।

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