अजमेर ब्यूरो रिपोर्ट।
नूपुर शर्मा मामले में दरगाह के खादिम सरवर चिश्ती का एक वायरल वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में चिश्ती कह रहे हैं कि अजमेर में सकल हिंदू समाज के समर्थन में दरगाह बाजार और नला बाजार में दुकानें बंद हुई जो निंदनीय हैं। उन्होंने तल्ख अंदाज में कहा है कि अब इन दुकानदारों से अजमेर आने वाले जायरीन ही निपटें यानी दुकानदारों से सामान लेना बंद करें। बता दें कि सरवर चिश्ती वर्तमान में खादिमों की संस्था अंजुमन कमेटी के सचिव हैं। दरअसल यह वीडियो 26 जून का है जब अजमेर में सकल हिंदू समाज की ओर से दो घण्टे दुकानें बंद कर जुलूस निकाला गया था। सरवर चिश्ती वायरल वीडियो में कह रहे हैं कि हिंदू भाई अजमेर में जुलूस निकाल रहे हैं जो सही नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने जुलूस निकाला था वो पैगंबर मोहम्मद साहब की शान में हुई गुस्ताखी के विरोध में था। हम किसी भी धर्म के देवी-देवताओं की बेइज्जती नहीं करते हैं हमने केवल नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग की थी। आगे कहते सुने जा सकता हैं कि जबकि नूपुर शर्मा की हिमायत में जुलूस निकाला जा रहा है हालांकि आखिरी समय पर बैनर चेंज कर दिया गया। चिश्ती ने कहा कि कोई हमारे नबी के खिलाफ गुस्ताखी करेगा और हम उसकी गिरफ्तारी की मांग करेंगे तो आरोपी का समर्थन किया जाएगा। वीडियो में चिश्ती कह रहे हैं कि ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह को पूरी दुनिया मानती है। शर्मा के समर्थन में निकाले गए जुलूस की वजह से हमारी भावनाएं आहत हुई हैं। दरगाह बाजार और नला बाजार की दुकानें बंद की गई हैं। आगे चेताते हैं कि यह सभी दरगाह की वजह से कमाते हैं। अब इन दुकानदारों के बारे में जायरीन ए ख्वाजा ही सोचें। हमें काफी अफसोस है कि प्रशासन ने जुलूस निकालने की आजादी दी। नबी की शान में उस औरत ने गुस्ताखी की उसको गिरफ्तार करे।

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