सपोटरा-विनोद कुमार जांगिड़।
पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों की जनता के लिए लाइफ लाइन कही जाने वाली ईआरसीपी परियोजना (ईस्ट राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट) को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करवाने की मांग दिनोंदिन बढ़ती हुई जा रही है। पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करवाने के लिए ईआरसीपी संयुक्त मोर्चा द्वारा जन जागरुक अभियान चलाने चलाया जा रहा है।
आपको बता दें कि करौली जिले के सपोटरा इलाके की ग्राम पंचायत औडच के हनुमान मंदिर पर हुई महापंचायत में इआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करवाने के लिए प्राणों की आहुति देने का संकल्प लेकर आर पार की लड़ाई लड़ने का बड़ा ऐलान किया गया। महापंचायत मे करौली जिले के अलावा सवाई माधोपुर, अलवर,धौलपुर भरतपुर, दौसा जयपुर सहित दूरदराज से आए हुए क्रांतिवीरो व मातृ शक्ति का स्वागत सम्मान किया गया। इसके बाद महापंचायत को संबोधित करते हुए समाज सेविका राजेश्वरी मीना, पुष्पा मीना बगीदा,भरत सिंह,बनवारीलाल सांथा,अमरेश मीना, रामअवतार जोरवाल, प्रताप पाकड़, चेतराम मीना,पिंटू बडौली, सेवानिवृत्त आईएएस पीआर मीणा सहित अध्यक्ष जवान सिंह मोहचा ने उपस्थित सभी लोगों को पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि अब समय आ गया है पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को जब तक राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं किया जाता तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। चंबल का पानी नहर मे लाने के लिए चाहे हमें अपने प्राणों की आहुति देनी पड़े या फिर जेल जाना पड़े। अब यह संघर्ष का बिगुल बज चुका है। अब तक पूर्वी राजस्थान के लोगों को राज्य सरकार और केंद्र सरकार के द्वारा बेवकूफ बनाया जा रहा था। लेकिन अब पूर्वी राजस्थान की जनता जाग चुकी है और संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में लगातार जन जागरूकता अभियान चलाया हुआ है। धीरे-धीरे लोग अब लामबंद होने लग गए हैं और पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में जब तक चंबल का पानी नहीं आ जाता तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। बारिश के समय चंबल से ओवरफ्लो होकर समुद्र में जाकर मिलने वाले पानी को ईआरसीपी के माध्यम से रोककर नहरों के जरिए 13 जिलों की धरा तक पहुंचाने के लिए क्षेत्र के किसान लंबे समय से मांग कर रहे हैं। इस मांग को राज्य सरकार और केंद्र सरकार को मिलकर शीघ्र पूरा करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई राजनीति का मुद्दा नहीं है यह 13 जिलों के लोगों की जीवनदायिनी मांग है। पानी के अभाव में खेत बंजर होने लगे हैं लोगों की जान जाने लगी है। ईआरसीपी संयुक्त मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष जवान सिंह मोहचा ने महापंचायत में आए हुए सभी लोगों से कहा कि ईआरसीपी के बारे में आस-पड़ोस और गांव के लोगों को भी बताएं और उन्हें जागरूक करें। इसके साथ ही जो हमारी मांग का समर्थन नहीं करें उसका बहिष्कार करें तथा हमारे द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों से भी पूछना चाहिए कि चंबल का पानी पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में लाने के लिए वह क्या कर रहे हैं। यदि उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हो तो उन्हें गांव में प्रवेश नहीं करने दे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक समाज की नहीं यह सर्व समाज की लड़ाई है क्योंकि जल सबको चाहिए। और यदि जल है तो कल है जल के बिना जीवन जीना संभव नहीं है। इसलिए सर्वसमाज को ईआरसीपी संयुक्त मोर्चा का साथ देना चाहिए और आने वाले 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ही ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करवाने के लिए सर्वसमाज के इस जनआंदोलन में सभी को अपनी भागीदारी निभानी चाहिए।